कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इतिहास के प्रेमियों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जुड़े एक विशाल डिजिटल दस्तावेज संग्रह की जानकारी साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि 'सिलेक्टेड वर्क्स ऑफ जवाहरलाल नेहरू' के 100 खंड अब ऑनलाइन अपलोड कर दिए गए हैं। यह पूरा आर्काइव वर्ष 1903 से लेकर 1964 तक की समयावधि को कवर करता है और इसे कोई भी यूजर बिना किसी शुल्क के पढ़ और डाउनलोड कर सकता है।
डिजिटल आर्काइव की प्रमुख विशेषताएं
शशि थरूर के अनुसार, 1903 से 1964 के बीच के छह दशकों से अधिक के कालखंड को समेटने वाला यह 100 वॉल्यूम का संग्रह ऐतिहासिक अध्ययन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को इस तरह तैयार किया गया है कि यह पूरी तरह से सर्च करने योग्य है। इसका अर्थ यह है कि पाठक या शोधकर्ता किसी भी विशेष विषय, वर्ष, दस्तावेज या कीवर्ड को टाइप करके संबंधित सामग्री तुरंत ढूंढ सकते हैं। थरूर ने इस संपूर्ण दस्तावेज संग्रह को खजाना बताते हुए कहा कि जो लोग भारतीय इतिहास में गहराई से रुचि रखते हैं, उनके लिए इस पोर्टल का अवलोकन करना एक बेहतरीन अनुभव होगा।
तथ्य-जांच और राजनीतिक बहसों में उपयोगिता
इतिहास के अध्ययन के साथ-साथ इस डिजिटल संग्रह की व्यावहारिक उपयोगिता पर भी ध्यान आकर्षित किया गया है। शशि थरूर ने उल्लेख किया कि यह संग्रह राजनीतिक बहसों और तथ्य-जांच के लिए भी बेहद उपयोगी सिद्ध होगा। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों या ऐतिहासिक तथ्यों के गलत प्रस्तुतीकरण के दौर में, प्राथमिक दस्तावेजों तक सीधी पहुंच होना बेहद जरूरी है। जब 1903 से 1964 तक के मूल पत्र, भाषण और आधिकारिक दस्तावेज मुफ्त में सर्च और डाउनलोड के लिए उपलब्ध होंगे, तो भ्रामक दावों की सच्चाई तुरंत जांची जा सकेगी और सही जानकारी सामने रखी जा सकेगी।
जनता की प्रतिक्रिया
इस डिजिटल आर्काइव की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। अधिकांश लोगों ने इसे शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत उपयोगी ऑनलाइन संसाधन करार दिया। वहीं, कुछ उपयोगकर्ताओं ने सुझाव दिया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसी अन्य प्रमुख राष्ट्रीय हस्तियों के ऐतिहासिक दस्तावेजों का भी इसी प्रकार का विस्तृत डिजिटल आर्काइव बनाया जाना चाहिए, ताकि आम जनता देश के सभी महान नेताओं के योगदान के बारे में विस्तार से जान सके।



























