नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में कम से कम 46 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है, जबकि 105 भारतीय नागरिकों समेत 400 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर अपनी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह नेपाल में फंसे भारतीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाए और हर संभव प्रयास करे।
राहुल गांधी ने जताया दुख और सरकार से की अपील
सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में राहुल गांधी ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा, "नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से बेहद चिंतित हूं, जहां कई भारतीय श्रद्धालुओं समेत सैकड़ों लोग लापता हो गए हैं।" इसके साथ ही उन्होंने उन सभी परिजनों के प्रति भी सहानुभूति प्रकट की जो अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को बिना किसी देरी के राहत कार्यों को गति देनी चाहिए ताकि लापता भारतीयों को जल्द से जल्द ढूँढा जा सके।
नेपाल में तबाही का मंजर और बचाव कार्य
नेपाल के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। कई मुख्य मार्ग बह गए हैं और संचार व्यवस्था बाधित हो गई है। प्रभावित लोगों में न केवल स्थानीय निवासी बल्कि भारी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री और पर्यटक भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ब्रिटेन के दर्जनों नागरिकों के भी लापता होने की सूचना है। स्थिति पर संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से दूरभाष पर बातचीत की है। भारत ने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता और राहत सामग्री प्रदान करने का भरोसा दिया है। राहत और बचाव कार्यों के समन्वय के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) के विमानों और राहत टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
मल्लिकार्जुन खरगे और विपक्षी नेताओं का रुख
राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार से नेपाल में लापता भारतीय नागरिकों का जल्द से जल्द पता लगाने की मांग की है। विपक्ष ने सरकार से अपील की है कि वह नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखे। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में सभी फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित वतन वापस लाना देश की प्राथमिकता होनी चाहिए। भारतीय एजेंसियां नेपाल में अपने समकक्षों के साथ समन्वय बनाकर खोज अभियान में जुटी हुई हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
इस दुखद घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नेपाल के बाढ़ पीड़ितों और लापता लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। कई यूज़र्स ने लापता भारतीय नागरिकों की सलामती के लिए प्रार्थना करते हुए सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की। वहीं कुछ टिप्पणीकारों ने हिमालयी क्षेत्र में लगातार आ रही प्राकृतिक आपदाओं को जलवायु परिवर्तन का परिणाम बताते हुए सरकारों से ठोस कदम उठाने का सुझाव भी दिया।


























