आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 26 अगस्त को नोबेल पुरस्कार विजेता संत मदर टेरेसा की जयंती के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विशेष श्रद्धांजलि संदेश साझा किया। अपने पोस्ट में उन्होंने मदर टेरेसा के जीवन दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके द्वारा दी गई निस्वार्थ सेवा और सामाजिक सद्भाव की सीख एक बेहतर दुनिया के निर्माण के लिए आज के दौर में बेहद प्रासंगिक और आवश्यक है।
मदर टेरेसा की जयंती पर अरविंद केजरीवाल का संदेश
अरविंद केजरीवाल ने अपने आधिकारिक एक्स खाते पर मदर टेरेसा की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि मदर टेरेसा का जीवन प्रत्येक व्यक्ति को मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने लिखा कि उनका जीवन हमें यह सीख प्रदान करता है कि दुनिया को अधिक सुंदर और शांतिपूर्ण बनाने के लिए मानवता की सेवा और आपस में भाईचारा एवं सद्भाव बनाए रखना बुनियादी आवश्यकता है। 26 अगस्त के दिन हर वर्ष भारत सहित पूरे विश्व में मदर टेरेसा के जीवन और उनके द्वारा फैलाए गए करुणा के संदेश को याद किया जाता है।
कौन थीं मदर टेरेसा: जीवन यात्रा, संस्था और नोबेल पुरस्कार
मदर टेरेसा का जन्म का नाम अंजेज़े गोंजा बोयाजिउ था। वह अल्बानियाई मूल की एक कैथोलिक नन थीं, जिन्होंने भारत को अपनी कर्मभूमि बनाया और बाद में भारतीय नागरिकता प्राप्त की। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में सड़कों पर रहने वाले अत्यंत निर्धन, अनाथ, बीमार और असहाय लोगों की देखभाल में समर्पित कर दिया। 1950 के दशक में उन्होंने कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी नामक धार्मिक एवं सामाजिक संस्था की स्थापना की। इस संस्था ने कुष्ठ रोगियों, टीबी से पीड़ित लोगों, बेघर बच्चों और मरणासन्न लोगों के लिए शरणस्थलों तथा देखभाल केंद्रों का संचालन शुरू किया। मानव जाति के प्रति उनकी असीम दया, त्याग और शांति प्रयासों को देखते हुए उन्हें 1979 में प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बाद में वैटिकन के कैथोलिक चर्च द्वारा उन्हें आधिकारिक रूप से संत घोषित किया गया, जिसके बाद उन्हें संत मदर टेरेसा के रूप में जाना जाता है।
देशभर में आयोजित कार्यक्रम और कोलकाता में प्रार्थना सभाएं
प्रतिवर्ष 26 अगस्त को मदर टेरेसा की जयंती के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। कोलकाता में स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय, जिसे मदर हाउस के नाम से जाना जाता है, में सुबह से ही विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं। वहां श्रद्धालु और नागरिक एकत्र होकर उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित करते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। भारतीय राजनीति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां भी इस अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देती रही हैं। अतीत में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित अनेक नेताओं ने मदर टेरेसा के विचारों और उनके सेवा भाव को नमन किया है।
सामाजिक सरोकार और निस्वार्थ सेवा का महत्व
मदर टेरेसा का कार्य केवल स्वास्थ्य सेवा या भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने समाज के उन वर्गों को गले लगाया जिन्हें अक्सर उपेक्षित छोड़ दिया जाता था। उन्होंने दुनिया भर के लोगों को सिखाया कि करुणा और प्रेम के छोटे प्रयास भी बड़े सामाजिक बदलाव ला सकते हैं। आज जब विश्व अनेक प्रकार के तनावों और असमानता से जूझ रहा है, तब मदर टेरेसा द्वारा स्थापित संस्थाएं दुनिया के 130 से अधिक देशों में बेसहारा लोगों को सहायता पहुंचा रही हैं। उनकी सीख आज भी युवा पीढ़ी को समाज कल्याण और मानवीय सरोकारों से जुड़ने के लिए प्रेरित करती है।
जनता की प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर बंटे विचार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अरविंद केजरीवाल के इस संदेश के सामने आने के बाद यूजर्स की ओर से विविध प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अनेक सोशल मीडिया यूजर्स ने मदर टेरेसा की निस्वार्थ सेवा, त्याग और दयालुता की भावना को नमन करते हुए अरविंद केजरीवाल के विचारों का समर्थन किया। इसके विपरीत, कुछ उपयोगकर्ताओं ने उनके ऐतिहासिक कार्यों, संस्थागत तौर-तरीकों और धर्म परिवर्तन से जुड़ी पुरानी बहसों को लेकर सवाल उठाए और आलोचनात्मक टिप्पणियां साझा कीं। इस प्रकार इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर जनभावनाओं के दो अलग-अलग पक्षों को सामने रखा।



























