भारत की राजधानी नई दिल्ली में बिम्सटेक सदस्य देशों के गृह मंत्रियों का पहला उच्चस्तरीय सम्मेलन संपन्न हुआ। 13 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस विशेष सुरक्षा वार्ता का मुख्य उद्देश्य बंगाल की खाड़ी से जुड़े राष्ट्रों के बीच साझा सुरक्षा तंत्र स्थापित करना और सीमा पार अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। इस ऐतिहासिक आयोजन में पड़ोसी देशों के प्रमुख सुरक्षा मंत्रियों ने सहभागिता दर्ज कराई।
क्षेत्रीय सुरक्षा का नया मंच
बिम्सटेक संगठन के इतिहास में पहली बार आयोजित यह गृह मंत्री स्तरीय वार्ता सदस्य देशों की साझा सुरक्षा प्राथमिकताओं को रेखांकित करती है। नेपाल के गृह मंत्री सूडान गुरुंग ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत भारत पहुंचकर इस सम्मेलन में हिस्सा लिया। हालांकि बांग्लादेश के गृह मंत्री इस बैठक में सम्मिलित नहीं हो सके। इस बैठक का प्रमुख केंद्र आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटना रहा।
अमित शाह ने साझा किया संदेश
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर इस सत्र की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि यह बैठक क्षेत्रीय सहयोग और सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। इस संवाद के जरिए बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था और खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान प्रदान को नई गति देने पर जोर दिया गया।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस सम्मेलन को लेकर नागरिकों की मिली जुली राय देखने को मिली। कई लोगों ने आतंकवाद और साइबर अपराध से निपटने के लिए क्षेत्रीय देशों के साझा प्रयास को सराहा, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने सम्मेलन के ठोस नतीजों और सुरक्षा नीतियों के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए।























