आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश भर में एथेनॉल मिश्रित ई20 पेट्रोल को लेकर बढ़ रही चिंताओं के बीच एक बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का हवाला देते हुए कहा कि जब देश के युवा एकजुट होकर आवाज उठाते हैं तो सरकार को झुकना पड़ता है। इसी तर्ज पर अब ई20 ईंधन नीति के खिलाफ भी आम जनता को एकजुट होने की जरूरत है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर केजरीवाल का बड़ा बयान
नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं और छात्र संगठनों ने लगातार प्रदर्शन किया था। इस चौतरफा दबाव के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। विपक्षी दलों और युवा संगठनों ने इस घटनाक्रम को छात्रों के लंबे संघर्ष और एकजुटता की ऐतिहासिक जीत करार दिया है। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस मुद्दे को उठाते हुए लिखा कि देश के युवाओं की एकजुट आवाज ने धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
ई20 फ्यूल नीति के विरोध में नेशनल टाउनहॉल का ऐलान
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उदाहरण देते हुए अरविंद केजरीवाल ने वाहन चालकों और आम नागरिकों से ई20 पेट्रोल नीति के खिलाफ भी एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि इस शनिवार को 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई20' का आयोजन किया जा रहा है। इस टाउनहॉल में नागरिक प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर या ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर अपनी बात रख सकते हैं। ई20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है, जिसे लेकर देश भर के वाहन मालिक लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।
ई20 फ्यूल से जुड़ी आम लोगों की चिंताएं
देश भर में ई20 ईंधन के इस्तेमाल को लेकर वाहन मालिकों के बीच भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। चालकों का आरोप है कि ई20 पेट्रोल के कारण गाड़ियों के माइलेज में गिरावट आ रही है और इंजनों के कलपुर्जे तेजी से खराब हो रहे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और सरकार इसे पर्यावरण अनुकूल प्रयोग बता रहे हैं, लेकिन वाहन चालकों का कहना है कि पुरानी गाड़ियों में यह ईंधन तकनीकी समस्याएं पैदा कर रहा है और रखरखाव का खर्च बढ़ा रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस घोषणा के बाद मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक तरफ कई वाहन चालकों ने ई20 ईंधन से गाड़ियों के माइलेज और इंजन को हो रहे नुकसान पर केजरीवाल की पहल का समर्थन किया, तो दूसरी तरफ आलोचकों ने इस कदम को राजनीतिक पैंतरा बताते हुए पुरानी प्रशासनिक नीतियों पर सवाल भी उठाए।


























