राम मंदिर चंदा विवाद: अरविंद केजरीवाल ने साझा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 'राम भक्त' की चिट्ठीनेता जी
3 घंटे पहले· 3

राम मंदिर चंदा विवाद: अरविंद केजरीवाल ने साझा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 'राम भक्त' की चिट्ठी

अयोध्या राम मंदिर निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है, जहां अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक पत्र साझा कर सरकार को घेरा है।

अयोध्या में निर्माणाधीन भव्य राम मंदिर के चंदे और जमीन खरीद से जुड़े कथित घोटालों को लेकर देश का सियासी पारा चढ़ गया है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक 'राम भक्त' द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लिखी गई चिट्ठी को साझा किया है। इस पत्र में मंदिर निर्माण से जुड़ी वित्तीय प्रक्रियाओं में कथित डकैती और भ्रष्टाचार को लेकर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की गई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है और केंद्र सरकार से इस गंभीर विषय पर जवाब मांग रहा है।

विपक्ष के गंभीर आरोप और राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान

राम मंदिर के चंदे में कथित तौर पर हुए वित्तीय गबन को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्षी नेताओं ने इसे किसी धार्मिक स्थल पर देश की अब तक की सबसे बड़ी लूट करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे प्रकरण पर अपनी चुप्पी तोड़ने की मांग की है। इस कथित भ्रष्टाचार के विरोध में देश भर में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया गया है ताकि आम लोगों को इस मामले से जोड़ा जा सके। विपक्षी दलों का कहना है कि जिस पवित्र मंदिर के नाम पर वोट मांगे गए, उसी के निर्माण कार्य में इस तरह का घोटाला किया जाना बेहद निंदनीय है। अरविंद केजरीवाल ने भी टिप्पणी करते हुए कहा है कि भगवान के घर में डाका डालना एक महापाप है और इस जगह पर कई बार चोरी पकड़ी गई है।

ट्रस्ट को भंग करने और सीबीआई जांच की मांग

इस पूरे विवाद के बीच राम मंदिर निर्माण और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे ट्रस्ट को तुरंत भंग करने की मांग भी तेजी से उठ रही है। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने पूरे लेन-देन की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराने की मांग की है। इसी कड़ी में सांसद संजय सिंह ने विशेष जांच दल यानी SIT को कथित जमीन खरीद घोटाले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत सौंपे हैं। उनका दावा है कि इस पूरे वित्तीय हेरफेर में कई बड़े और प्रभावशाली नाम शामिल हैं जिनकी भूमिका की गहन जांच होनी चाहिए। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और आरोप लगाया है कि बीजेपी नेता और स्थानीय अधिकारी इस जमीन लूट में सीधे तौर पर शामिल हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

करोड़ों रुपये की हेराफेरी का अंदेशा और चंपत राय पर निशाना

इस कथित घोटाले का दायरा करीब 200 करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका व्यक्त की गई है। जमीन की कीमतों में अचानक आई भारी उछाल और ट्रस्ट द्वारा की गई खरीद के तरीकों पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के फैसलों और उनके कार्यकालों के दौरान हुई इन गतिविधियों से सत्ता पक्ष की छवि को भारी नुकसान पहुंच सकता है। आलोचकों का मानना है कि आस्था के इस सबसे बड़े केंद्र में पारदर्शिता की कमी के कारण करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है और जब तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच नहीं होगी, तब तक यह विवाद थमता नहीं दिख रहा है।

जनता की प्रतिक्रिया

इस सोशल मीडिया पोस्ट पर आम जनता की प्रतिक्रिया बेहद विभाजित नजर आ रही है। जहां कुछ लोग मंदिर निधि में पारदर्शिता की मांग करते हुए अरविंद केजरीवाल के इस कदम का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं, वहीं एक बड़ा वर्ग इसे पूरी तरह से चुनावी और राजनीतिक हथकंडा बता रहा है। आलोचक केजरीवाल के पुराने बयानों और उनकी सरकार पर लगे अन्य आरोपों का हवाला देकर उन्हें घेर रहे हैं।

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सवाल-जवाब

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर क्या साझा किया है?
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक 'राम भक्त' द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी गई चिट्ठी साझा की है, जिसमें राम मंदिर के कथित घोटालों पर दुख व्यक्त किया गया है।
विपक्ष इस मामले में किस तरह की जांच की मांग कर रहा है?
विपक्ष इस मामले में वर्तमान ट्रस्ट को भंग करने और पूरे वित्तीय लेन-देन की सीबीआई (CBI) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहा है।
सांसद संजय सिंह ने किसे सबूत सौंपे हैं?
सांसद संजय सिंह ने कथित जमीन खरीद घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत विशेष जांच दल (SIT) को सौंपे हैं।
राम मंदिर जमीन खरीद विवाद में क्या आरोप लगाए गए हैं?
आरोप है कि राम मंदिर के चंदे और जमीन सौदों में करीब 200 करोड़ रुपये का वित्तीय गबन हुआ है, जिसमें कथित तौर पर कुछ राजनेता और अधिकारी शामिल हैं।

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