योगी आदित्यनाथ (@myogiadityanath) ने अपने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।
अपनी पोस्ट में योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि रामविलास पासवान ने अपने पूरे जीवनकाल में शोषितों और वंचितों के हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष किया। उन्होंने आगे लिखा कि सामाजिक न्याय के क्षेत्र में रामविलास पासवान का योगदान हमेशा अविस्मरणीय रहेगा। इस छोटे से पोस्ट में योगी आदित्यनाथ ने सीधे शब्दों में रामविलास पासवान के संघर्ष और उनकी विरासत को याद किया, बिना किसी लंबे भाषण या विस्तृत बयान के।
कौन थे रामविलास पासवान
रामविलास पासवान भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थे जिनकी पूरी पहचान सामाजिक न्याय की राजनीति से जुड़ी रही। वे लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष थे और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए की सरकार में केंद्रीय मंत्री के तौर पर भी काम कर चुके थे। सोलहवीं लोकसभा में उन्होंने बिहार के हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। अपने लंबे राजनीतिक करियर में रामविलास पासवान कुल 9 बार लोकसभा के सांसद चुने गए, जबकि 2 बार वे राज्यसभा के सदस्य भी रहे। दशकों तक फैली इस राजनीतिक यात्रा में वे लगातार शोषित और वंचित तबकों की आवाज़ बनकर उभरे और सामाजिक न्याय की राजनीति को नई दिशा दी।
जनता की प्रतिक्रिया
योगी आदित्यनाथ की इस श्रद्धांजलि पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूज़र्स ने रामविलास पासवान के सामाजिक न्याय से जुड़े योगदान की सराहना करते हुए अपनी तरफ से भी श्रद्धांजलि दी और उन्हें वंचितों की आवाज़ बताया। कुछ यूज़र्स ने इस मौके पर आगामी चुनावों को लेकर अपनी राजनीतिक राय भी सामने रखी। वहीं दूसरी तरफ, कुछ लोगों ने पुरानी घटनाओं और सरकार की कार्रवाइयों का हवाला देते हुए सवाल भी खड़े किए। कुल मिलाकर इस पोस्ट पर समर्थन, श्रद्धा और आलोचना, तीनों तरह की प्रतिक्रियाएं एक साथ देखने को मिलीं।





















