कोटा में पुष्पक कोरियर के मैनेजर ने पत्नी के QR कोड से उड़ाए 20 लाख रुपये, पुलिस ने किया गिरफ्ताररायबरेली की आयुष चिकित्सक स्मिता श्रीवास्तव से जानें चुकंदर के औषधीय फायदे: हीमोग्लोबिन और बीपी नियंत्रण से लेकर त्वचा में निखार तकअमेठी में परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प, 12 विद्यालयों में 7.31 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे हाईटेक क्लासरूमसोमी अली ने किया गोविंदा का बचाव, सुनीता आहूजा की टिप्पणी पर उठائے सवालपश्चिम बंगाल के बैंकुड़ा में शेख अब्दुल हफीज के पिता की हत्या, जंतर-मंतर आंदोलन के बाद स्कूल सुधार की उठाई थी आवाजसूर्य का मघा नक्षत्र गोचर 2026: 17 अगस्त से मेष, सिंह और धनु राशि वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन17 अगस्त को सावन सोमवार और नाग पंचमी पर सूर्य का गोचर, जानिए सभी 12 राशियों पर क्या होगा इसका प्रभावगॉल टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल का धमाकेदार शतक, श्रीलंका पर भारत ने कसा शिकंजामूलांक 2 अंकशास्त्र राशिफल 17 अगस्त 2026: पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच खुद के लिए निकालें समय, जानें कैसा रहेगा दिनसिरोही में हॉस्टल के खराब खाने और अव्यवस्था के खिलाफ कलेक्ट्रेट पहुंचीं 50 छात्राएं, कलेक्टर ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक राशन विक्रेताओं को राहत, योगी सरकार ने लाभांश बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल कियानेता जी
17 अग॰ 2026, 8:46 am (1 घंटे पहले)· 2

उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक राशन विक्रेताओं को राहत, योगी सरकार ने लाभांश बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल किया

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सरकारी राशन विक्रेताओं के हित में बड़ा फैसला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) का लाभांश 90 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य राज्य में लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सुगम क्रियान्वयन और विक्रेताओं को उचित प्रोत्साहन प्रदान करना है।

राशन विक्रेताओं के लाभांश में इजाफा और आपूर्ति व्यवस्था

राजधानी लखनऊ से की गई इस घोषणा के अंतर्गत राशन विक्रेताओं के प्रति कुंतल लाभांश में 35 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकास और विरासत के सशक्त समन्वय का साक्षी बन रहा है। लाभांश बढ़ाने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य में सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। इस प्रक्रिया से खाद्यान्न सीधे गोदामों से राशन दुकानों तक पहुंचेगा, जिससे आपूर्ति में पारदर्शिता बनी रहेगी और वितरण प्रक्रिया समयबद्ध होगी।

उत्तर प्रदेश के बारे में

उत्तर प्रदेश जनसंख्या के दृष्टिकोण से भारत का सबसे बड़ा राज्य है और क्षेत्रफल के आधार पर देश में चौथे स्थान पर आता है। राज्य की प्रशासनिक व विधायिक राजधानी लखनऊ है, जबकि न्यायिक राजधानी प्रयागराज में स्थित है। आगरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर प्रदेश के अन्य प्रमुख व्यावसायिक और सांस्कृतिक शहर हैं। भौगोलिक रूप से राज्य के उत्तर में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ और पूर्व में बिहार व झारखंड स्थित हैं। उत्तर प्रदेश की उत्तरी सीमा पड़ोसी देश नेपाल से भी जुड़ी हुई है।

जनता की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर सोशल मीडिया पर आम जनता और कोटेदारों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने उचित दर विक्रेताओं के कमीशन में वृद्धि और पारदर्शी वितरण प्रणाली के प्रयासों का स्वागत किया। दूसरी ओर, कुछ उपयोगकर्ताओं ने मांग की कि कोटेदारों का कमीशन अन्य राज्यों की तर्ज पर 200 रुपये प्रति कुंतल किया जाना चाहिए, जबकि कुछ नागरिकों ने राशन दुकानों पर खाद्यान्न चोरी रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आयु सीमा में छूट देने जैसे सुझाव भी रखे।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

योगी आदित्यनाथ ने राशन विक्रेताओं के लिए क्या घोषणा की है?
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) के लाभांश को 90 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल करने का निर्णय लिया है।
इस फैसले का लाभ कितने राशन विक्रेताओं को मिलेगा?
उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक राशन विक्रेताओं को इस बढ़ी हुई दर का सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा।
सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस व्यवस्था का उद्देश्य गोदामों से सीधे राशन दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाना है ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और आपूर्ति पारदर्शी बने।
उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक और न्यायिक राजधानी कहां स्थित है?
उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व विधायिक राजधानी लखनऊ में है, जबकि न्यायिक राजधानी प्रयागराज में स्थित है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR