सेशेल्स की आधिकारिक यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वह सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन पहुंचे, जहां उन्होंने जायंट टॉर्टोइज एनक्लोजर का दौरा किया। इस दौरान सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी भी उनके साथ मौजूद थे।
सेशेल्स की अनूठी प्रजाति
नरेंद्र मोदी ने बताया कि एल्डबरा जायंट टॉर्टोइज, जो मूल रूप से सेशेल्स के निवासी हैं, दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे लंबी आयु वाली प्रजातियों में से एक हैं। इन जीवों में से कुछ तो दो सौ वर्षों से अधिक का समय देख चुके हैं। यह प्रजाति पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण के महत्व को दर्शाती है।
वृक्षारोपण कार्यक्रम
इस यात्रा के दौरान एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। नरेंद्र मोदी और डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने संयुक्त रूप से पेड़ लगाने के कार्यक्रम में भागीदारी की। उन्होंने सेशेल्स के प्रसिद्ध कोको डी मेर पौधे को रोपा, जो केवल इसी द्वीप समूह की अनूठी पहचान है। यह कार्यक्रम भारत और सेशेल्स के बीच बढ़ते हुए पर्यावरण संरक्षण के साझा संकल्प का प्रतीक माना गया है।
पृष्ठभूमि
खबरों के मुताबिक, नरेंद्र मोदी का यह सेशेल्स दौरा अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है। इससे पहले भी सेशेल्स से एल्डबरा जायंट टॉर्टोइज की जोड़ियां भारत के चिड़ियाघरों, विशेषकर हैदराबाद के नेहरू जूलॉजिकल पार्क में लाई गई थीं, जो दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती के जीवंत प्रतीक के रूप में वहां मौजूद हैं।
जनता की प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर इस दौरे को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जिसमें कई लोग इसे भारत और सेशेल्स के बीच संबंधों को मजबूत करने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने विदेशी दौरों की प्रासंगिकता और घरेलू मुद्दों पर सवाल खड़े किए हैं।




















