दो वरिष्ठ संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों ने मिलकर एक ऐसे पद की पड़ताल की है जिसे वे 'धरती की सबसे असंभव नौकरी' मानते हैं। शशि थरूर और एड मैथ्यू, जो दोनों लंबे समय तक संयुक्त राष्ट्र में काम कर चुके हैं, ने इंडियन एक्सप्रेस में यह विशेष लेख प्रकाशित किया है। इसमें उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पद की जटिलताओं, ज़िम्मेदारियों और अनोखी चुनौतियों पर गहरी नज़र डाली है।
स्ट्रॉ पोल की तैयारी में जुटी सुरक्षा परिषद
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अगले महासचिव के चयन की दिशा में आगे बढ़ने लगी है। परिषद अगले महीने स्ट्रॉ पोल आयोजित करने वाली है, जो इस पूरी चयन प्रक्रिया की पहली और अहम कड़ी मानी जाती है। इन्हीं अनौपचारिक मतों के ज़रिए यह तस्वीर साफ होगी कि अगले महासचिव की दौड़ में कौन से उम्मीदवार सबसे मज़बूत स्थिति में हैं।
थरूर ने एक्स पर साझा की पोस्ट
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए इस लेख की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने बताया कि एड मैथ्यू के साथ मिलकर उन्होंने यह विश्लेषण किया है कि महासचिव का पद इतना कठिन क्यों माना जाता है और इस भूमिका में किस तरह की मांगें होती हैं। दोनों लेखकों का संयुक्त राष्ट्र में लंबा अनुभव इस लेख को विशेष विश्वसनीयता प्रदान करता है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर लोगों ने ज़बरदस्त उत्साह दिखाया। बड़ी संख्या में लोगों ने शशि थरूर को खुद इस पद के लिए एक अनुभवी और सशक्त उम्मीदवार बताया, साथ ही यह उम्मीद भी जताई कि जब चयन की बात होगी तो भारत की ओर से उनके नाम पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।





















