विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी सियोल और जेजू यात्रा की खास झलकियां साझा करते हुए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत और कोरिया गणराज्य जैसे देशों को एक-दूसरे के और करीब आना होगा।
वैश्विक बदलाव और सहयोग की बढ़ती जरूरत
जयशंकर ने अपनी पोस्ट में कहा कि पूरी दुनिया में जो पुनर्संतुलन और विखंडन की प्रक्रिया चल रही है, वह अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और अधिक अनिवार्य बना देती है। उनका तर्क था कि इस बदलते माहौल में देशों को मिलकर काम करने की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है। अकेले चलने का रास्ता अब कारगर नहीं रहा।
भारत और कोरिया गणराज्य की साझेदारी
जयशंकर ने भारत और कोरिया गणराज्य को 'समान विचारधारा वाले साझेदार' बताते हुए दोनों देशों के बीच और गहरे जुड़ाव की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक बड़ा और सशक्त अवसर प्रदान करते हैं। दोनों देशों के बीच रिश्तों को और गहरा करने के लिए यह सही समय है।
सियोल और जेजू का दौरा
विदेश मंत्री ने कोरिया गणराज्य में सियोल और जेजू, दोनों शहरों की यात्रा की और एक्स पर इस दौरे की महत्वपूर्ण झलकियां पोस्ट कीं। इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देना था। भारत-कोरिया संबंधों को मजबूत करने की दिशा में यह दौरा एक अहम कदम साबित हुआ।
जनता की प्रतिक्रिया
जयशंकर की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने व्यापक और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने भारत की संतुलित तथा जनसे जुड़ी विदेश नीति की सराहना करते हुए यह भी कहा कि सांस्कृतिक मूल्य दोनों देशों के बीच एक मजबूत और अदृश्य बंधन का काम करते हैं।





















