59वें आसियान दिवस के अवसर पर भारत ने दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के साथ अपने दीर्घकालिक और बहुआयामी संबंधों को रेखांकित किया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आसियान सदस्य देशों और उनके नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत और आसियान के बीच गहराते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को लेकर देश की मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई।
रणनीतिक साझेदारी और मुख्य सहयोग क्षेत्र
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कहा कि भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति दोनों क्षेत्रों के बीच संबंधों को निरंतर नई दिशा दे रही है। भारत और आसियान के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी तेजी से मजबूत हो रही है। उन्होंने कई प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया, जिनमें व्यापार, कनेक्टिविटी, डिजिटल जुड़ाव, रक्षा सहयोग, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल हैं। इसके अलावा, वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में लचीली और मजबूत सप्लाई चेन के निर्माण को भी एक प्राथमिकता के रूप में रेखांकित किया गया।
क्षेत्रीय जुड़ाव का महत्व
भारत और आसियान के बीच यह सहयोग न केवल व्यापार और अर्थव्यवस्था तक सीमित है, बल्कि यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों पक्षों के बीच डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी बढ़ने से आर्थिक विकास की गति को और बल मिला है। 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत भारत ने आसियान देशों के साथ अपनी साझेदारी को शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर विदेश मंत्री के इस संदेश पर लोगों ने व्यापक प्रतिक्रिया दी। अधिकांश उपयोगकर्ताओं ने भारत और आसियान के बीच मजबूत होते व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों की सराहना की, जबकि कुछ लोगों ने क्षेत्रीय नीतियों और भविष्य की प्राथमिकताओं पर अपनी राय साझा की।


























