नई दिल्ली में आयोजित अफ्रीका दिवस 2026 के अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफ्रीकी मिशनों के प्रमुखों और राजनयिक समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ इस ऐतिहासिक दिन को मनाया। इस दौरान उन्होंने भारत और अफ्रीका के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया। दोनों क्षेत्रों के बीच एकजुटता और ऐतिहासिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
साझा इतिहास और औपनिवेशिक संघर्ष की याद
समारोह के दौरान एस जयशंकर ने कहा कि भारत और अफ्रीका सदियों पुराने जुड़ाव, सांस्कृतिक निकटता तथा औपनिवेशवाद के खिलाफ साझा संघर्ष के अनुभव से बंधे हुए हैं। दोनों पक्षों ने हमेशा एक-दूसरे के विकास और स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह साझेदारी केवल राजनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों महाद्वीपों के लोगों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित है।
10 मिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता और चिकित्सा सहायता
भारत ने अफ्रीकी महाद्वीप के प्रति अपनी सहायता प्रतिबद्धताओं को लगातार पूरा किया है। भारत की ओर से 10 मिलियन डॉलर (1 करोड़ डॉलर) की घोषित सहायता योजना के तहत अब तक चिकित्सा सामग्री और जीवन रक्षक दवाओं की तीन किस्तें अफ्रीकी देशों तक पहुंचाई जा चुकी हैं। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में यह समर्थन आपातकालीन परिस्थितियों में अफ्रीकी राष्ट्रों को मजबूती प्रदान करने के लिए दिया जा रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस आयोजन और विदेश मंत्री के बयानों का आम लोगों ने स्वागत किया है। उपयोगकर्ताओं ने भारत और अफ्रीकी देशों की इस पुरानी दोस्ती को भविष्य के मजबूत साझेदारी मॉडल के रूप में सराहा और स्वास्थ्य सहयोग के कदमों की तारीफ की।


























