राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर एस जयशंकर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक विशेष संदेश साझा किया। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने देशवासियों से भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा का जश्न मनाने और स्थानीय बुनकरों के योगदान को सराहने का आग्रह किया।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का महत्व
हथकरघा उद्योग भारत की सांस्कृतिक विरासत का एक अहम हिस्सा माना जाता है। यह क्षेत्र न केवल देश की पुरानी कला और संस्कृति को जीवित रखता है, बल्कि लाखों लोगों के लिए आजीविका का मुख्य साधन भी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में इस उद्योग का महत्वपूर्ण योगदान है। एस जयशंकर के इस पोस्ट का मुख्य उद्देश्य लोगों का ध्यान स्वदेशी उत्पादों और बुनकरों के श्रम की ओर आकर्षित करना था, ताकि खादी और स्थानीय वस्त्र कला को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके।
सोशल मीडिया पोस्ट का विवरण
एस जयशंकर ने अपने आधिकारिक X हैंडल (@DrSJaishankar) से पोस्ट करते हुए लिखा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उत्सव मनाएं। इस पोस्ट के साथ उन्होंने एक लिंक भी साझा किया, जिसमें भारतीय हथकरघा और बुनकरों की मेहनत को दर्शाया गया था। उनके इस संदेश को सोशल मीडिया पर व्यापक स्तर पर देखा और साझा किया गया।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस पोस्ट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं। जहां कई लोगों ने स्वदेशी वस्त्रों और हथकरघा बुनकरों के समर्थन में सरकार के प्रयासों की सराहना की और लोकल फॉर वोकल का समर्थन किया, वहीं कुछ यूजर्स ने विभिन्न मुद्दों को लेकर अपने विचार और सवाल भी व्यक्त किए।


























