कंटेंट क्रिएटर और पॉडकास्टर श्रेया कालरा ने रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सजा' (लॉक अप सीजन 2) का खिताब अपने नाम कर लिया है। शानदार ट्रॉफी हासिल करने के साथ ही उन्हें 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कैश प्राइज मनी भी मिली है। शो का फाइनल मुकाबला जीतने के बाद श्रेया ने अपनी 1 करोड़ रुपये की इनामी राशि को खर्च और निवेश करने के अपने भविष्य के प्लान पर खुलकर बात की है। उन्होंने खुलासा किया कि वह इस राशि का एक हिस्सा अपनी करीबी दोस्त शिल्पा शिंदे के शेल्टर होम को दान करेंगी, जो बेसहारा महिलाओं के कल्याण के लिए काम करता है। इसके साथ ही वह अपने पिता के सुझाव पर रियल एस्टेट प्रॉपर्टी में निवेश करने का विचार भी बना रही हैं।
बेसहारा महिलाओं के शेल्टर होम में योगदान और प्रॉपर्टी निवेश की योजना
श्रेया कालरा ने स्पष्ट किया है कि जीत की रकम को महंगी गाड़ियों या फिजूलखर्ची में उड़ाने की उनकी कोई इच्छा नहीं है। अपनी जरूरतों को बहुत सीमित बताते हुए उन्होंने कहा कि लग्जरी लाइफस्टाइल पर पैसे गंवाना उनकी प्राथमिकता नहीं है। अपने वित्तीय प्रबंधन के बारे में बात करते हुए श्रेया ने बताया कि उनके पिता ने उन्हें व्यावहारिक सलाह दी है कि प्राइज मनी के साथ कुछ बैंक लोन लेकर अचल संपत्ति यानी प्रॉपर्टी में निवेश करना एक समझदारी भरा कदम होगा।
इसके अलावा श्रेया ने अपनी दोस्त शिल्पा शिंदे के सामाजिक कार्यों में हाथ बंटाने का संकल्प लिया है। शिल्पा शिंदे असहाय और बेसहारा महिलाओं के लिए एक शेल्टर होम संचालित करती हैं। श्रेया ने इस पहल में अपना योगदान देने का निर्णय लिया है। श्रेया ने कहा
"मैं जीती हुई रकम से शिल्पा जी के शेल्टर होम में निवेश करूंगी।"
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह शेल्टर होम की हर संभव सहायता करेंगी। उन्होंने कहा कि समय बीतने के साथ आगे की विस्तृत योजनाएं तय की जाएंगी, लेकिन फिलहाल शेल्टर होम की मदद और प्रॉपर्टी में निवेश ही उनके मुख्य लक्ष्य हैं।
'लॉक अप 2' में एकाकी सफर और सह-कलाकारों से निराशा
शो के दौरान श्रेया कालरा का व्यक्तिगत सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। 'लॉक अप 2' के पूरे सीजन में वह अक्सर अकेले ही खेलती हुई नजर आईं, जिसकी वजह से घर के कई प्रतिभागी उनके खिलाफ रहते थे और उन्हें पसंद नहीं करते थे। शो के भीतर केवल शिल्पा शिंदे और माधुरी जैन ग्रोवर ही दो ऐसी प्रतिभागी थीं, जिनके साथ श्रेया का गहरा और सच्चा रिश्ता कायम हुआ।
शानदार जीत दर्ज करने के बाद भी श्रेया को अपने सह-प्रतिभोगियों के ठंडे रवैये से निराशा हुई है। उन्होंने साझा किया कि ट्रॉफी जीतने के बाद घर के किसी भी साथी कंटेस्टेंट ने उन्हें बधाई तक नहीं दी। अपने संघर्षपूर्ण दिनों को याद करते हुए श्रेया ने बताया कि पहले हफ्ते की बहस के बाद उन्होंने सभी से दोस्ती करने और संबंध सुधारने की निरंतर कोशिश की थी। उन्होंने अन्य प्रतिभागियों को कई मौके दिए और उनके लिए खेल भी खेला। यहां तक कि उन्होंने तीन मौकों पर राम जी की टास्क पूरा करने में मदद भी की थी, लेकिन इसके बावजूद उनके प्रति अन्य प्रतिभागियों का नजरिया नहीं बदला। श्रेया के अनुसार, दूसरों को हमेशा बेनिफिट ऑफ डाउट दिया गया लेकिन उन्हें कभी यह राहत नहीं मिली, जिससे अंततः वह प्रयास करते-करते थक गईं।
'एमटीवी रोडीज रेवोल्यूशन' से डिजिटल स्टारडम तक का सफर
श्रेया कालरा के टेलीविजन करियर का आगाज साल 2020 में हुआ था। उन्हें सबसे पहले प्रसिद्ध यूथ शो 'एमटीवी रोडीज रेवोल्यूशन' (MTV Roadies Revolution) में देखा गया था, जहां उन्होंने निखिल चिनापा के गैंग में वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के रूप में प्रवेश किया था। यद्यपि रोडीज में उनका सफर बहुत लंबा नहीं चला और वह जल्द ही बाहर हो गई थीं, लेकिन उनके बेबाक व्यवहार, निडर शैली और आत्मविश्वास ने दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ी।
रोडीज से मिली शुरुआती पहचान के बाद श्रेया ने डिजिटल स्पेस में कदम रखा और एक सफल कंटेंट क्रिएशन और पॉडकास्टिंग करियर का निर्माण किया। सोशल मीडिया पर मिली व्यापक लोकप्रियता और मजबूत फैन फॉलोइंग के दम पर ही उन्हें 'लॉक अप 2' जैसे बड़े मंच का निमंत्रण मिला, जहां अपनी रणनीतिक समझ से उन्होंने आखिरकार विजेता की ट्रॉफी और 1 करोड़ रुपये का इनाम अपने नाम किया।


















