अंतरराष्ट्रीय सराफा बाजार में कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स द्वारा हालिया खरीदारी को पलटने के बावजूद सोने को मजबूत बुनियादी सहारा मिल रहा है। विश्लेषकों के अनुसार बाजार में डिस्क्रिशनरी निवेशकों की गहरी दिलचस्पी बनी हुई है, जिससे कीमतों को स्थिरता मिल रही है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी के बाद भी कीमती धातु बाजार ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है। जानकारों का कहना है कि किसी भी तरह की अल्पकालिक कमजोरी बेहद सीमित रहने की उम्मीद है, जो सोने के खरीदारों के लिए नए मौके उपलब्ध कराएगी।
सीटीए बिकवाली और डिस्क्रिशनरी निवेशकों की भूमिका
कीमती धातुओं के खंड में ऑटोमेटेड या अल्गोरिद्मिक फंड्स यानी कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स ने अपनी पिछली खरीदारी को समेटा है। बाजार का ढांचा अभी भी डिस्क्रिशनरी निवेश मांग के दम पर मजबूती से टिका हुआ है। केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चक्र को पूरी तरह बाजार भाव में शामिल किए जाने के बावजूद कीमती धातुओं का व्यापक परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों में आई नरमी ने भी निकट भविष्य में सोने की कीमतों को राहत पहुंचाई है। बाजार के रणनीतिकारों का मानना है कि किसी भी तरह की गिरावट केवल मामूली सीटीए बिकवाली तक सीमित रहेगी और ऐसे मौकों को निवेशक खरीदारी के अवसर के रूप में देखेंगे।
डॉलर इंडेक्स और अन्य मुद्राओं का रुख
सप्ताह की शुरुआत में सोने ने अपनी लगातार दो दिनों की बढ़त को गंवाते हुए सुस्ती के साथ कारोबार शुरू किया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंकाओं और अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती ने सोने की बढ़त पर ब्रेक लगा दिया है। विदेशी मुद्रा बाजार में एशियाई सत्र के दौरान सोमवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर 0.7100 के स्तर से ऊपर स्थिर बना रहा। जुलाई के अंत के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचे अमेरिकी डॉलर की हालिया गिरावट भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण थम गई है। दूसरी ओर, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा लोन प्राइम रेट्स को जस का तस रखने से भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव दिखा, हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा दर वृद्धि की संभावनाओं और आगामी ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले इसे सहारा मिलता रहा।
बैंक ऑफ जापान का दर फैसला और वैश्विक बाजार का तनाव
अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन सोमवार को एशिया में 157.00 के नीचे खिसक गया। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा रेट चेक किए जाने के बाद संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को सहारा दिया। जापान में सार्वजनिक अवकाश के दिन रूस और यूक्रेन के बीच गहराते तनाव और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक संकट ने भी वैश्विक कारोबारियों को सतर्क रखा। इस बीच बैंक ऑफ जापान ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो पिछले कई हफ्तों से बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था।
तिमाही के अंत में बॉन्ड यील्ड और शेयर बाजार की स्थिति
तीसरी तिमाही के अंतिम हफ्तों में वैश्विक वित्तीय बाजार एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गए हैं। तेल की कीमतों में गिरावट जारी रहने के बावजूद वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता और भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसके विपरीत, यूरोपीय और अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को बढ़त के साथ खुलने की तैयारी में दिखाई दिए। बाजार का मुख्य तनाव सरकारी बॉन्ड में केंद्रित रहा, जहां शुक्रवार देर रात यूरोपीय और अमेरिकी यील्ड में तेज उछाल देखने को मिला था। इन तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच सोने की सुरक्षित निवेश परिसंपत्ति के तौर पर भूमिका पर निवेशकों की करीबी नजर टिकी हुई है।


















