वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में उत्तरी अमेरिकी मुद्राओं के बीच जारी खींचतान के कारण कैनेडियन डॉलर लगातार दबाव का सामना कर रहा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कैनेडियन मुद्रा 1.4000 के बेहद संवेदनशील स्तर के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। इस मुद्रा जोड़ी की चाल पर अमेरिका तथा कनाडा के बीच लगातार बढ़ रहे नीतिगत ब्याज दर अंतर का स्पष्ट असर देखा जा रहा है, जिसने कनाडाई मुद्रा, जिसे बाजार में लूनी के नाम से भी जाना जाता है, की गति को सीमित कर दिया है। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हालिया उच्च स्तरों से आई हल्की नरमी ने ग्रीनबैक की बढ़त पर भी एक ऊपरी सीमा तय कर रखी है।
कच्चे तेल की नरमी और कनाडाई अर्थव्यवस्था पर असर
कनाडा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल का एक प्रमुख निर्यातक राष्ट्र है, जिसके चलते उसकी राष्ट्रीय मुद्रा कमोडिटी की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील रहती है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड के भाव लगभग $93.50 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहे हैं। ऊर्जा बाजार में यह सुस्ती लगातार चौथे कारोबारी सत्र में दर्ज की गई है, जिससे कच्चा तेल एक सप्ताह से अधिक के अपने सबसे निचले स्तर तक फिसल चुका है। कच्चे तेल के मूल्य में आई इस लगातार नरमी ने लूनी पर अतिरिक्त नकारात्मक दबाव बनाने का काम किया है, क्योंकि ऊर्जा निर्यात से होने वाले राजस्व में कमी मुद्रा के मूल्यांकन को प्रभावित करती है।
बांड यील्ड का अंतर और ब्याज दर परिदृश्य
हालांकि ऊर्जा क्षेत्र की कमजोरी चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन जानकारों के मुताबिक कैनेडियन डॉलर के हालिया कमजोर प्रदर्शन की केंद्रीय वजह अल्पकालिक अमेरिकी और कनाडाई सरकारी बॉन्ड यील्ड के बीच चौड़ा होता अंतर है। चालू महीने के दौरान ही कनाडाई मुद्रा अमेरिकी डॉलर की तुलना में करीब 1% तक टूट चुकी है। बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड वर्तमान में 4.95% के आसपास बनी हुई है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले हफ्ते छुए गए 5.04% के स्तर से थोड़ा नीचे है, जो वर्ष 2007 के बाद का उच्चतम स्तर था। छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी मुद्रा के प्रदर्शन को मापने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स भी लगभग 100.25 पर दर्ज हुआ है, जो शुक्रवार के 100.56 के सात सप्ताह के उच्च स्तर से थोड़ा कम है।
केंद्रीय बैंकों के रुख पर टिकी बाजार की निगाहें
आने वाले दिनों की मौद्रिक दिशा को लेकर निवेशकों का मुख्य ध्यान बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर टिफ मैकलम के आगामी वक्तव्य पर केंद्रित है। बाजार प्रतिभागी इस संबोधन से केंद्रीय बैंक के नीतिगत आउटलुक और ब्याज दरों पर नई स्पष्टता तलाशने की कोशिश करेंगे। वहीं दूसरी तरफ, शिकागो फेड के प्रेसिडेंट ऑस्टन गूल्सबी ने सोमवार को अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। गूल्सबी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वे आशावादी हैं कि मांग के अत्यधिक गर्म होने के कोई नए सबूत न दिखने तक फेडरल रिजर्व 2% मुद्रास्फीति के लक्ष्य की ओर लौटने के रास्ते पर आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मुद्रास्फीति के 2% की दिशा में लौटने के ठोस प्रमाण सामने आते हैं, तो ब्याज दरों में कमी आने पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं होगा।
वैश्विक मुद्राओं का मिलाजुला प्रदर्शन और क्रॉस-करेंसी रुझान
दिनभर के वैश्विक मुद्रा कारोबार में विभिन्न प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले कैनेडियन डॉलर की स्थिति मिश्रित दर्ज की गई, जहां जापानी येन के मुकाबले लूनी ने सबसे अधिक मजबूती प्रदर्शित की। अन्य एशियाई और वैश्विक जोड़ों की बात करें तो सोमवार के कारोबारी सत्र में एशियाई घंटों के दौरान AUD/USD 0.7100 के स्तर से ऊपर स्थिर बना रहा। यह स्थिरता ऐसे समय दिखी जब लंबे समय से जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर ने जुलाई के अंत के बाद के अपने उच्चतम स्तर से हुई हल्की वापसी को रोक दिया। दूसरी तरफ, पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) द्वारा लोन प्राइम रेट्स पर यथास्थिति बनाए रखने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर कुछ दबाव बना, हालांकि ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में एक और वृद्धि की संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को नीचे से सहारा दिया।
येन में हलचल और सुरक्षित निवेश की मांग
जापानी येन के मोर्चे पर USD/JPY का भाव सोमवार को एशिया में 157.00 के आंकड़े से नीचे खिसकता नजर आया। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा किए गए रेट चेक के बाद बाजार में हस्तक्षेप की बढ़ती आशंकाओं ने येन को थोड़ी ताकत दी। इसके अलावा, जापान में सार्वजनिक अवकाश के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच तथा पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी कारोबारियों को सतर्क रखा। तनावपूर्ण माहौल के चलते अमेरिकी डॉलर की गिरावट थम गई, जिसने इस जोड़ी के नीचे जाने की गुंजाइश को सीमित रखा। बैंक ऑफ जापान ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया, जो बाजार के अनुमानों के पूरी तरह अनुकूल रहा।
कमोडिटी और वित्तीय परिसंपत्तियों का व्यापक मिजाज
कीमती धातुओं के बाजार में गोल्ड (XAU/USD) ने नए सप्ताह की शुरुआत कमजोरी के साथ की और अपनी दो दिनों की लगातार तेजी के सिलसिले को तोड़ दिया। फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में अतिरिक्त ब्याज दर वृद्धि की आशंकाओं और अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख ने सोने की बढ़त को रोक दिया। तीसरी तिमाही के अंतिम हफ्तों में वैश्विक वित्तीय बाजार एक दिलचस्प मोड़ पर खड़े हैं, जहां अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। एक ओर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है, तो दूसरी ओर सोमवार को यूरोपीय और अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ खुलने के संकेत दे रहे हैं। इसके विपरीत, बाजार का दबाव सॉवरेन बॉन्ड में केंद्रित रहा है, जहां यूरोपीय और अमेरिकी यील्ड शुक्रवार देर से फिर उछली थीं।



















