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ओटीटी पर खूब पसंद आ रही हैं अमिताभ बच्चन की ये 6 भावनात्मक फिल्में, जिन्हें देख आज भी छलक पड़ते हैं आंसूOTT
5 अग॰ 2026, 9:32 pm (84 दिन पहले)· 2

ओटीटी पर खूब पसंद आ रही हैं अमिताभ बच्चन की ये 6 भावनात्मक फिल्में, जिन्हें देख आज भी छलक पड़ते हैं आंसू

70 के दशक के एंग्री यंग मैन से पारिवारिक मुखिया के रूप में उभरे अमिताभ बच्चन की 6 बेहतरीन फिल्में नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम वीडियो और जियो हॉटस्टार पर दर्शकों को भावुक कर रही हैं।

अमिताभ बच्चन का अभिनय करियर भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक अनूठा उदाहरण है। 70 के दशक में अपनी 'एंग्री यंग मैन' की छवि से पूरे देश को दीवाना बनाने वाले अमिताभ बच्चन ने समय की मांग को समझा और खुद को पर्दे पर पूरी तरह बदल लिया। उन्होंने युवा नायक के किरदारों से आगे बढ़कर स्क्रीन पर परिवार के एक सख्त और जिम्मेदार मुखिया के रूप में अपनी नई पहचान बनाई। उनकी यह सहज परिवर्तन यात्रा दर्शकों के दिलों में गहराई से उतर गई। आज भी बड़े पर्दे से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक उनके फैमिली ड्रामा को दर्शकों का अपार प्यार मिल रहा है। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर एक बड़ा दर्शक वर्ग मौजूद है जो अमिताभ बच्चन की 'बागबान' और 'पिकू' जैसी भावनात्मक फिल्मों को बार-बार देखना पसंद करता है।

पारिवारिक रिश्तों की खींचतान और भावुक कर देने वाले ड्रामे

अमिताभ बच्चन की भावनात्मक फिल्मों की सूची में साल 2001 में रिलीज हुई 'कभी खुशी कभी गम' का स्थान बेहद खास है। करण जौहर के निर्देशन में बनी इस मल्टीस्टारर फिल्म में अमिताभ बच्चन ने घर के एक बेहद सख्त और सिद्धांतवादी मुखिया की भूमिका निभाई थी। कहानी में जब वे अपने गोद लिए हुए बेटे को पारिवारिक परंपराओं के खिलाफ जाने पर घर से बाहर का रास्ता दिखाते हैं, तो दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं। इस फिल्म का पारिवारिक ड्रामा आज भी नेटफ्लिक्स और अमेज़न प्राइम वीडियो पर दर्शकों को बांधे रखता है।

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इसके बाद साल 2003 में आई फिल्म 'बागबान' ने पारिवारिक संबंधों की सच्चाई को बड़े ही मार्मिक ढंग से उजागर किया। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने एक लेखक का रोल निभाया है, जो अपनी पूरी जिंदगी अपने बच्चों के भविष्य के लिए समर्पित कर देता है। हालांकि, ढलती उम्र में उन्हें अपने ही बेटों और बहुओं की बेरुखी और रिश्तों की खींचतान का सामना करना पड़ता है। माता-पिता और बच्चों के बीच के इस कड़वे सच को दर्शाती यह बेहद भावुक फिल्म नेटफ्लिक्स और जियो हॉटस्टार पर देखने के लिए उपलब्ध है।

पारिवारिक जिम्मेदारियों और दुख के पलों को समेटे साल 2022 की फिल्म 'गुडबाय' भी इसी कड़ी का हिस्सा है। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने एक पिता का संवेदनशील किरदार निभाया है। घर में हुए एक हादसे के बाद परिवार के बड़े बच्चे किस तरह बिखरते रिश्तों को संभालते हैं और एक-दूसरे का सहारा बनते हैं, इसे फिल्म में बेहद खूबसूरती से दिखाया गया है। यह इमोशनल ड्रामा नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है।

अनोखे रिश्ते, हंसी-मजाक और जिंदगी जीने का नजरिया

संजीदा किरदारों के अलावा अमिताभ बच्चन ने अलग तरह के फैमिली ड्रामा में भी अपनी बेहतरीन अभिनय क्षमता का परिचय दिया है। साल 2008 में प्रदर्शित हुई फिल्म 'भूतनाथ' में उन्होंने एक भटकती हुई आत्मा का किरदार निभाया था। इस फिल्म की कहानी एक छोटे से मासूम बच्चे और उस आत्मा के बीच पनपती अनूठी दोस्ती के इर्द-गिर्द घूमती है। डर, हंसी और भावनाओं का यह अनोखा मिश्रण जियो हॉटस्टार और प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है।

साल 2015 में आई फिल्म 'पिकू' की कहानी हर किसी के दिल को छू लेती है। इसमें अमिताभ बच्चन ने एक उम्रदराज पिता का किरदार निभाया है, जो अपने जिंदादिल स्वभाव, सनकी आदतों और मजाकिया अंदाज के लिए जाना जाता है। वे अपनी आजाद ख्याल बेटी पिकू के साथ छोटी-छोटी बातों पर रोजमर्रा की नोक-झोंक में उलझते नजर आते हैं। पिता और बेटी के इस प्यारे और यथार्थवादी रिश्ते को दर्शक नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।

वहीं साल 2018 में रिलीज हुई '102 नॉट आउट' एक बेहद खूबसूरत और दिल को छू लेने वाली कॉमेडी फिल्म है। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन 102 साल के एक बेहद जिंदादिल पिता के रूप में नजर आए हैं, जिनका एकमात्र लक्ष्य अपने 75 साल के नीरस और सख्त बेटे को जिंदगी खुलकर जीने का सही तरीका सिखाना होता है। उमंग और सकारात्मकता से भरी इस फिल्म का आनंद अमेज़न प्राइम वीडियो पर लिया जा सकता है।

ओटीटी पर क्यों छाया हुआ है बिग बी का फैमिली ड्रामा?

अमिताभ बच्चन की इन सभी पारिवारिक फिल्मों की सफलता और लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इनका विषय और कंटेंट है। 'कभी खुशी कभी गम' और 'बागबान' जैसी फिल्में समाज के उन वास्तविक मुद्दों को सामने लाती हैं, जिनसे हर आम परिवार और दर्शक खुद को जुड़ा हुआ महसूस करता है। इनमें परिवारों और बच्चों के बीच की वैचारिक भिन्नताओं, आपसी मतभेदों, त्याग और प्यार को बहुत सहजता से दर्शाया गया है। यही वजह है कि ये फिल्में नई और पुरानी दोनों पीढ़ियों के बीच समान रूप से पसंद की जाती हैं।

इसके अलावा, अमिताभ बच्चन का वक्त के साथ अपनी अभिनय शैली और ऑन-स्क्रीन इमेज को बदलना भी एक मुख्य वजह है। उन्होंने 'एंग्री यंग मैन' के दौर से निकलकर पर्दे पर परिवार के मुखिया की भूमिकाओं को जिस गरिमा के साथ निभाया, उसने दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता को और बढ़ा दिया। उनका जबरदस्त स्टारडम और हर किरदार में ढल जाने की कला आज भी इन फिल्मों को ओटीटी पर हिट बनाए हुए है।

सवाल-जवाब

किन फिल्मों में अमिताभ बच्चन ने एक सख्त या जिंदादिल पिता की भूमिका निभाई है?
'कभी खुशी कभी गम' में वे एक सख्त पिता और घर के मुखिया बने हैं, जबकि 'पिकू' और '102 नॉट आउट' में वे एक जिंदादिल और मजाकिया पिता के किरदार में नजर आए हैं।
'बागबान' फिल्म किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देखने के लिए उपलब्ध है?
'बागबान' नेटफ्लिक्स और जियो हॉटस्टार पर देखने के लिए उपलब्ध है।
'102 नॉट आउट' फिल्म की कहानी क्या है और यह कहां उपलब्ध है?
इस कॉमेडी फिल्म में 102 साल के पिता अपने 75 साल के बेटे को जिंदगी जीने का तरीका सिखाते हैं, और यह अमेज़न प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है।
करण जौहर द्वारा निर्देशित फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' किस साल आई थी और इसे कहां देखा जा सकता है?
यह फिल्म साल 2001 में रिलीज हुई थी और इसे नेटफ्लिक्स तथा अमेज़न प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है।
अमिताभ बच्चन की पारिवारिक फिल्में दर्शकों के बीच इतनी लोकप्रिय क्यों हैं?
ये फिल्में परिवारों और बच्चों के बीच के मतभेदों तथा रिश्तों के मुद्दों को गहराई से छूती हैं, और अमिताभ बच्चन का एंग्री यंग मैन से पारिवारिक मुखिया के रूप में बदलाव दर्शकों को खूब पसंद आया है।
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