रियालिटी शो 'लॉक अप 2' के हालिया एपिसोड में दर्शकों को एक बेहद भावुक और चौंकाने वाला मोड़ देखने को मिला, जब घर के सदस्यों को सीजन के पहले फाइनलिस्ट का चुनाव करना था। इस प्रक्रिया के दौरान प्रतियोगियों को अलग-अलग फायदे और नकद पुरस्कार दिए गए, जबकि श्रेया कालरा को एक खास शक्ति मिली जिसके तहत वे किसी भी प्रतियोगी को सीधे शो से बाहर कर सकती थीं। तमाम घटनाक्रमों के बाद फाइनलिस्ट बनने की रेस में सेल के अंदर केवल हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी ही बचे, जिसके बाद दोनों के बीच एक गहरा इमोशनल ड्रामा देखने को मिला।
सेल के अंदर हर्षद का खुलासा और दोनों के बीच भावुक मोड़
जब फाइनलिस्ट के नाम का फैसला करने की जिम्मेदारी पूरी तरह हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी पर आ टिकी, तो हर्षद ने एक चौंकाने वाली बात कबूल की। उन्होंने शिवांगी से कहा कि उन्होंने एक पिछला चैलेंज जान-बूझकर हार दिया था। हर्षद ने स्वीकार करते हुए कहा, 'मैं वह गेम हारा था।' यह बात सुनते ही शिवांगी का दिल टूट गया और दोनों ही प्रतियोगी अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सके। शिवांगी ने बेहद भावुक होकर उनसे पूछा कि उन्होंने जान-बूझकर अपना मौका क्यों गंवाया। इसके साथ ही शिवांगी ने यह भी कहा कि अगर 'लॉक अप 2' की ट्रॉफी जीतना उनकी किस्मत में लिखा होगा, तो वे उसे हासिल कर ही लेंगी। शुरुआत में दोनों ही कलाकारों ने एक-दूसरे को पहला फाइनलिस्ट बनाने के लिए खुद सेल से बाहर निकलने की पेशकश की थी।
रितेश देशमुख का निर्देश और हर्षद चोपड़ा का फाइनलिस्ट बनना
शुरुआती हिचकिचाहट के बाद हर्षद चोपड़ा ने अपने फैसले पर टिके रहने की बात कही। उन्होंने तर्क दिया कि उन्हें अभी तक शो में अपने लिए खेलने का पूरा मौका नहीं मिल पाया है। इसके बाद जेलर रितेश देशमुख ने दोनों प्रतियोगियों से बिना समय गंवाए अपना अंतिम फैसला लेने को कहा। रितेश देशमुख के निर्देश के बाद शिवांगी जोशी ने बड़ा दिल दिखाते हुए खुद सेल से बाहर जाने का निर्णय लिया। शिवांगी के इस कदम के साथ ही हर्षद चोपड़ा 'लॉक अप 2' के पहले फाइनलिस्ट घोषित कर दिए गए। हालांकि सेल से बाहर आने के बाद शिवांगी अपने आंसू नहीं रोक सकीं और उन्होंने कहा कि फाइनलिस्ट की सीट के लिए हर्षद उनसे ज्यादा हकदार नहीं थे। शिवांगी को रोता देखकर हर्षद भी काफी परेशान हो गए, क्योंकि उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि उनके रुख से शिवांगी को गहरी ठेस पहुंची है। शो के दौरान दोनों हमेशा एक-दूसरे का मजबूत सहारा बने रहे थे।
श्रेया कालरा की स्पेशल पावर और शिवांगी जोशी का अचानक एलिमिनेशन
पहले फाइनलिस्ट की दौड़ से बाहर होने के साथ ही शिवांगी जोशी सीधे खतरे की जद में आ गईं। एपिसोड में श्रेया कालरा को यह विशेषाधिकार दिया गया था कि वे खतरे में पड़े 6 प्रतियोगियों में से किसी एक को तुरंत शो से निष्कासित कर सकती हैं। घर के माहौल और पिछले समीकरणों को देखते हुए अधिकांश कंटेस्टेंट्स और दर्शकों का मानना था कि श्रेया अपना निशाना योगेश रावत या आकांक्षा चमोला को बनाएंगी। लेकिन श्रेया कालरा ने हर किसी के अनुमान को गलत साबित करते हुए सीधे शिवांगी जोशी का नाम ले लिया और उन्हें शो से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस अप्रत्याशित फैसले ने 'लॉक अप 2' के पूरे गेम को बदलकर रख दिया है।



















