अंकिता भंडारी हत्याकांड: वीआईपी राज पर नार्को टेस्ट अटका, कोर्ट में पेश नहीं हुए सुरेश राठौड़ और उर्मिलाराजस्थान का पारंपरिक साफा: 25 किलो वजन सिर पर रख कर बीकानेर के कलाकार बचा रहे हैं संस्कृतिसैन्य आधुनिकीकरण पर बड़ा फैसला, तीनों सेनाओं के हथियारों के लिए 2.12 लाख करोड़ रुपये की प्राथमिक प्रशासनिक मंजूरीराजस्थान के स्कूलों में दीपावली का अवकाश घोषित, विद्यार्थियों को मिलेंगे लगातार 12 दिनसऊदी अरब की रक्षा में जुटा पाकिस्तान, रियाद को भेजे ड्रोन और मिसाइलेंदूसरी तिमाही में एथर एनर्जी मुनाफे में लौटी, शेयरों में 18 फीसदी से ज्यादा का जोरदार उछालविकीपीडिया पर बायोग्राफी होना और फिर उसका डिलीट हो जाना: एक अदृश्य जंग की कहानीपश्चिम बंगाल के नदिया में परिवार ने मिट्टी की प्रतिमा की जगह 8 साल की बेटी को देवी मानकर की लक्ष्मी पूजाईरान और अमेरिका में तनाव गहराया, तेहरान में मक्का पैक्ट के देशों की बड़ी बैठकउत्तर प्रदेश के लखीमपुर में आकार ले रहा देश का पहला इंटीग्रेटेड बायोप्लास्टिक प्लांट, हजारों करोड़ के निवेश से बदलेंगी स्थानीय तस्वीरें
प्रेम विवाह के बाद क्यों खौफनाक अपराध में बदल जाती है मोहब्बत, जानिए इसके पीछे का कड़वा सचरिश्ते
4 सित॰ 2026, 7:59 am (52 दिन पहले)· 2

प्रेम विवाह के बाद क्यों खौफनाक अपराध में बदल जाती है मोहब्बत, जानिए इसके पीछे का कड़वा सच

प्रेम विवाह को हमेशा एक आदर्श और मजबूत रिश्ते के रूप में देखा जाता है, लेकिन कई बार यही रिश्ते गहरी कड़वाहट और अपराध की कहानियों में क्यों बदल जाते हैं, आइए जानें इसके मनोवैज्ञानिक कारण।

समाज में जब दो लोग अपने परिवार और परंपराओं के खिलाफ जाकर एक होने का फैसला करते हैं, तो उसे एक बड़े विद्रोह और गहरे विश्वास का प्रतीक माना जाता है। प्रेम विवाह को आमतौर पर इस बात की गारंटी समझा जाता है कि यहां आपसी समझ और लगाव किसी भी पारंपरिक रिश्ते से कहीं अधिक मजबूत होगा। हालांकि, पिछले कुछ समय में ऐसे कई भयावह मामले सामने आए हैं, जहां जिस जीवनसाथी के खातिर पूरी दुनिया को छोड़ दिया गया था, वही इंसान कुछ महीनों या वर्षों के भीतर जान का दुश्मन बन बैठा। इस तरह की घटनाओं के पीछे छिपी क्रिमिनल साइकोलॉजी और सामाजिक बदलावों को समझना बेहद जरूरी हो गया है।

रोमांटिक रिश्तों की शुरुआत अक्सर बेहद फिल्मी और जादुई अंदाज में होती है। चाय की प्यालियों पर लंबी बातचीत, फोन पर घंटों तक चलने वाली गुफ्तगू और एक-दूसरे की छोटी-मोटी कमियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर देना इस सफर की नींव रखता है। उस शुरुआती दौर में इंसान भावनाओं के ज्वार में बहता है और तार्किक रूप से सोचना बंद कर देता है। उसे ऐसा महसूस होता है कि इस दुनिया में उनके बिना जीना नामुमकिन है, और यही अंधा विश्वास आगे चलकर कई मोर्चों पर भारी पड़ने लगता है।

ये भी पढ़ें

आदर्श रिश्ते का दबाव और हकीकत का सामना

विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग प्रेम विवाह चुनते हैं, वे अक्सर अपने इस फैसले को समाज के सामने एक आदर्श मिसाल के तौर पर साबित करने का भारी मानसिक दबाव महसूस करते हैं। वे हर हाल में यह जताना चाहते हैं कि उनका कदम पूरी तरह सही था। ऐसे में जब शादी के बाद जीवन की सामान्य उलझनें, आर्थिक तंगी और वैचारिक मतभेद सामने आते हैं, तो शुरुआती उत्साह बहुत तेजी से नीचे गिरता है। इस अचानक आए बदलाव को कई लोग मानसिक रूप से स्वीकार नहीं कर पाते और यहीं से मन में कुंठा और निराशा जन्म लेने लगती है।

प्रेम प्रसंग, डेटिंग या लिव-इन के दौरान लोग अपने साथी का केवल एक बेहद सकारात्मक और सुनहरा पहलू ही देख पाते हैं। इसके विपरीत, एक ही छत के नीचे रहने के बाद जब घर की जिम्मेदारियां, परिवार का दबाव और करियर का तनाव सिर चढ़कर बोलता है, तब वास्तविकता की कड़ी जमीन पर पैर रखने होते हैं। क्रिमिनल साइकोलॉजी के जानकारों के मुताबिक, इस तरह के रिश्तों में हिंसा या अपराध के पीछे सबसे बड़ा कारण उम्मीदों का टूटना होता है। जब साथी से जुड़ी अपेक्षाएं पूरी नहीं होतीं, तो इंसान खुद को बुरी तरह ठगा हुआ महसूस करता है और वह घुटन धीरे-धीरे नफरत का रूप ले लेती है।

स्वामित्व की भावना और नियंत्रण का खौफनाक रूप

प्रेम विवाह के मामलों में प्यार और अत्यधिक पजेशन के बीच एक बहुत ही बारीक रेखा होती है। शुरुआत में साथी का हद से ज्यादा ख्याल रखना और फिक्र करना रोमांटिक लग सकता है, लेकिन शादी के बाद यही रवैया टॉक्सिक कंट्रोल में बदल जाता है। पाबंदियां लगाने की शुरुआत अक्सर छोटे सवालों से होती है कि तुम किससे बात कर रही हो या बिना अनुमति बाहर जाने की हिम्मत कैसे हुई। जब दूसरा साथी अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता के लिए आवाज उठाता है, तो अहंकार आहत होता है। पुरुष प्रधान सोच या आधुनिक अहम के टकराव में कई बार बात इतनी बढ़ जाती है कि वह प्रतिष्ठा का सवाल बन जाती है।

यह विकृत मानसिकता कि यदि यह मेरा नहीं हुआ या हुई, तो मैं इसे किसी और का नहीं होने दूंगा, एक सामान्य इंसान को खतरनाक रास्ते पर ले जाती है। इसके अलावा, कई मामलों में पुराने विश्वासघात या एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स भी रिश्ते को अंदर से खोखला कर देते हैं। जब कोई व्यक्ति अपने अपनों से बगावत करके किसी को चुनता है और बदले में उसे धोखा मिलता है, तो उसका गुस्सा साधारण गुस्से से कहीं अधिक तीव्र होता है। यह रोष केवल धोखे का नहीं होता, बल्कि इस बात का होता है कि उसने उस इंसान के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया था। यही सुलगती हुई रंजिश कई बार सुनियोजित अपराध और साजिशन हत्या का रूप ले लेती है।

एक सफल रिश्ते के लिए व्यावहारिक कदम

मोहब्बत कोई ऐसी जादुई ढाल नहीं है जो हर मुसीबत और कड़वाहट से रिश्ते की रक्षा कर सके। एक सुरक्षित और दीर्घकालिक रिश्ते को बचाए रखने के लिए केवल भावनाएं काफी नहीं होतीं, बल्कि कुछ अन्य बातों का ध्यान रखना भी जरूरी होता है। शादी के बाद भी दोनों इंसानों की अपनी एक अलग पहचान और पर्सनल स्पेस होता है, जिसे कभी खत्म नहीं करना चाहिए। रिश्ते में किसी भी तरह की खटास आने पर बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहिए और जरूरत पड़ने पर किसी काउंसलर की मदद लेनी चाहिए। इसके अलावा, शुरुआती दौर में ही यदि साथी के व्यवहार में अत्यधिक पजेसिवपन या हिंसक रवैया नजर आए, तो उसे सुधारने की उम्मीद में आंखें मूंदकर आगे बढ़ने की भूल नहीं करनी चाहिए। प्यार अपनी जगह खूबसूरत है, लेकिन शादी एक व्यावहारिक जिम्मेदारी भी है जिसे पूरी समझदारी के साथ निभाना चाहिए।

सवाल-जवाब

प्रेम विवाह में तनाव का मुख्य कारण क्या होता है?
डेटिंग के दौरान देखी गई दुनिया और शादी के बाद की हकीकत के बीच का अंतर तनाव पैदा करता है।
क्रिमिनल साइकोलॉजी के अनुसार हिंसा का क्या कारण है?
साथी से जुड़ी उम्मीदें पूरी न होने पर उपजा फ्रस्ट्रेशन और अत्यधिक पजेशन इसके मुख्य कारण माने जाते हैं।
रिश्ते को सुरक्षित रखने के लिए क्या जरूरी है?
पार्सनल स्पेस की इज्जत करना और समस्याओं पर खुलकर बातचीत करना बहुत जरूरी है।
रेड फ्लैग्स कब पहचाने जाने चाहिए?
डेटिंग या शुरुआती दौर में ही साथी के अत्यधिक पजेसिव या अपमानजनक व्यवहार को पहचान लेना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp