अलवर नगर निकाय चुनावों की सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है, जहां पार्टी की तरफ से उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान होने से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया है। शहर के तमाम वार्डों से टिकट के लिए लाइन में खड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक बड़े आयोजन के दौरान अपनी ताकत का खुलकर प्रदर्शन किया। इस आयोजन में उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ उमड़ने के कारण वहां का माहौल पूरी तरह से राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया।
सोमवार को शहर के कंपनी बाग के नजदीक स्थित रिवाज रिसॉर्ट में एक विशेष कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में शहर के सभी 65 वार्डों से टिकट पाने के इच्छुक पुरुष और महिला दावेदार अपने-अपने समर्थकों के जत्थों के साथ पहुंचे। कई उम्मीदवार तो अपने साथ पचास से सौ की संख्या में लोगों को लेकर आए थे। ढोल-नगाड़ों की थाप और पार्टी के पक्ष में लगाए जा रहे नारों के बीच इन सभी का काफिला कार्यक्रम स्थल तक पहुंचा।
भीड़ इतनी ज्यादा थी कि रिसॉर्ट का विशाल मीटिंग हॉल भी कम पड़ गया और बड़ी संख्या में लोगों को बाहर खड़े होकर ही कार्यक्रम का हिस्सा बनना पड़ा। इमारत के बाहर वाहनों लंबी कतारें लग जाने से पूरे इलाके में एक मेले जैसा समां बंध गया। अलग-अलग वार्डों से आए दावेदारों के समर्थक अपने नेताओं के समर्थन में लगातार नारेबाजी करते रहे, जिससे यह साफ हो गया कि टिकट हासिल करने की यह रेस कितनी कड़ी होने वाली है।
संगठन की ताकत और योजनाओं पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मंच पर वन राज्य मंत्री संजय शर्मा और भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता समेत जिले के कई बड़े पदाधिकारी और मंडल अध्यक्ष मौजूद रहे। मंच से नेताओं ने कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरते हुए आपसी गिले-शिकवे भुलाकर पूरी एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरने की अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने की जरूरत है, ताकि पार्टी को वार्ड स्तर पर मजबूती मिल सके। नेताओं ने आह्वान किया कि सभी को मिलकर कमल के फूल की जीत सुनिश्चित करनी होगी।
पहली सूची का इंतजार और पैनल की प्रक्रिया
पार्टी संगठन की ओर से उम्मीदवारों के चयन के लिए सर्वे का काम और पैनल तैयार करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इससे जुड़ी अंतिम रिपोर्ट पहले ही जयपुर भेजी जा चुकी है, जिसके बाद अब केवल पहली सूची के बाहर आने का इंतजार बाकी है। पार्टी के सूत्रों के हवाले से यह संभावना जताई जा रही है कि 26 अगस्त की रात तक उम्मीदवारों के नामों की पहली सूची सार्वजनिक की जा सकती है। यही वजह है कि दावेदारों के पास नेतृत्व के सामने अपनी जमीनी पकड़ साबित करने के लिए बहुत कम वक्त बचा था और इस सम्मेलन को उसी ताकत दिखाने के मंच के रूप में देखा गया।
दावेदारों की जुबानी और महिलाओं की सक्रियता
इस सम्मेलन में वार्ड नंबर 26 से टिकट की दावेदारी पेश कर रही सपना भी अपने समर्थकों के साथ मौजूद थीं। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह पूरी ताकत के साथ यहां पहुंची हैं और किरण कुमार को जिताने के लिए पूरा समर्थन लेकर आई हैं। इसी तरह पूर्व पार्षद सुमन चौधरी भी महिलाओं के एक बड़े समूह के साथ कार्यक्रम में शामिल हुईं और उन्होंने पार्टी के पक्ष में जमकर नारे लगाए। सुमन चौधरी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें टिकट मिलने को लेकर किसी तरह की कोई चिंता नहीं है और वह हर बार अपने समर्थकों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचती हैं।
ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे इन दावेदारों ने अपनी शक्ति के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि उनके संबंधित वार्डों में उनका जनाधार कितना मजबूत है। अब सभी की निगाहें केवल इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सर्वे और पैनल की रिपोर्ट के आधार पर किन नामों पर अपनी मुहर लगाता है। आने वाले एक-दो दिनों के भीतर सूचियां सामने आते ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि इस सियासी शक्ति प्रदर्शन में किसने बाजी मारी है।



















