पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद भी उन्होंने कोई सबक नहीं सीखा है. मुख्यमंत्री का कहना है कि ममता बनर्जी आज भी तुष्टीकरण की पुरानी राजनीति, धोखे और उकसावे की रणनीति पर ही चल रही हैं, और इसकी वजह उन्होंने ममता बनर्जी के एक हालिया बयान को बताया.
बारुईपुर में क्या हुआ था
पूरा विवाद दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर से जुड़ा है, जहां हाल में हिंसक घटनाएं हुईं. पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ और सार्वजनिक संपत्ति को निशाना बनाकर तोड़फोड़ की गई. ममता बनर्जी ने इन घटनाओं को इलाके में एक 12 वर्षीय नाबालिग से हुए कथित दुष्कर्म और हत्या के खिलाफ लोगों का स्वतः स्फूर्त प्रदर्शन बताया था. सुवेंदु अधिकारी को उनका यही बयान रास नहीं आया और उन्होंने इसी आधार पर ममता बनर्जी पर हमला बोला.
सोशल मीडिया पर सीधा हमला
गुरुवार दोपहर मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने पूछा कि क्या दंगाइयों को कथित तौर पर प्रदर्शनकारी कहा जा सकता है. उन्होंने लिखा कि ममता बनर्जी खुद को और अपनी पार्टी को खो चुकी हैं, उनकी पार्टी बुरी तरह हार चुकी है और थक चुकी है, फिर भी उनमें कोई बदलाव नहीं आया है. सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक तुष्टीकरण की राजनीति, धोखा और उकसावा, ये तीन आदतें अब भी ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ रही हैं.
मुख्यमंत्री के अनुसार, ममता बनर्जी अपनी तुष्टीकरण की राजनीति को आगे बढ़ाने की कोशिश में बारुईपुर में एक निर्दोष युवक की पीट-पीटकर हत्या करने वालों को भी प्रदर्शनकारी बता रही हैं. इसे साबित करने के लिए सुवेंदु अधिकारी ने 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या का वीडियो सार्वजनिक किया और पूछा कि क्या इस वारदात में शामिल लोगों को सामान्य प्रदर्शनकारी माना जा सकता है. साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी के उस बयान का वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वह रविवार दोपहर नाबालिग का शव मिलने के बाद बने तनावपूर्ण हालात को प्रदर्शन करार दे रही थीं.
सुवेंदु अधिकारी के तीखे सवाल
अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री ने सीधा सवाल किया कि जिन लोगों को ममता बनर्जी प्रदर्शनकारी बता रही हैं, उन्होंने ही एक निर्दोष युवक को उसके घर से बाहर खींचा, केवल उसके नाम और पहचान की वजह से उसे निशाना बनाया, और भीड़ ने उसे बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला. उन्होंने आगे लिखा कि इन्हीं उपद्रवियों ने पुलिस वाहनों में आग लगाई, पुलिसकर्मियों पर हमला किया, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया, इलाके में अराजकता फैलाई, कानून-व्यवस्था तोड़ी, शांति भंग की और अशांति फैलाने की कोशिश की. सुवेंदु अधिकारी ने सवाल दोहराया कि क्या ऐसे लोगों को वाकई प्रदर्शनकारी कहा जा सकता है.
नई सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्यमंत्री अधिकारी ने यह भी साफ किया कि उनकी अगुवाई वाली नई राज्य सरकार दुष्कर्म और महिलाओं-बच्चों पर होने वाले अत्याचार जैसे गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी. उन्होंने कहा कि इसी तरह किसी निर्दोष व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डालने वाले अपराधियों को भी बख्शा नहीं जाएगा. उनके शब्दों में, अब वह दौर खत्म हो चुका है जब भीड़ की आड़ लेकर और समूह बनाकर अपराध कर लिए जाते थे. सुवेंदु अधिकारी ने भरोसा जताया कि कानूनी प्रक्रिया के जरिए नई सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे अपराधियों को उनके किए की पूरी सजा मिले.
सुवेंदु अधिकारी का यह हमला ऐसे समय आया है जब बारुईपुर की घटना पहले से ही राज्य की राजनीति में गरमाहट पैदा कर चुकी है. मुख्यमंत्री के तीखे सवालों ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस और सत्तारूढ़ पक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है.











