बिहार कांग्रेस के भीतर चल रहा असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच पार्टी के कई स्थानीय नेताओं ने अपनी ही केंद्रीय लीडरशिप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थिति यह बन गई है कि बिहार के ये नेता राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पार्टी के मुख्य कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। इस कदम से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
इंदिरा भवन के बाहर प्रदर्शन का एलान
बिहार कांग्रेस से जुड़े नाराज नेताओं ने आगामी सितंबर महीने में दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन के सामने धरने पर बैठने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि नेताओं और कार्यकर्ताओं की यह नाराजगी शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात न हो पाने और उनकी अनदेखी किए जाने के कारण उपजी है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे अहम राज्यों में राजनीतिक सरगर्मी तेज होने के बावजूद इस तरह का आंतरिक विरोध पार्टी की रणनीतियों को झटका दे सकता है।
उत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीतिक हलचल
साल 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। इस बीच, विपक्षी खेमे में चल रही इस तरह की उठापटक ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है। हाल के महीनों में कांग्रेस पार्टी को अलग-अलग मुद्दों पर प्रदर्शनों और आंतरिक असहमतियों का सामना करना पड़ा है। कर्नाटक से जुड़े मामलों और हालिया प्रदर्शनों के बीच बिहार इकाई का यह कदम पार्टी के लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आ रहा है।





















