दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर तेज रफ्तार का खौफनाक मंजर देखने को मिला है, जहां अलवर जिले के सिरमौर इलाके में एक पिकअप गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क के बीच बने डिवाइडर से जा टकराई। इस दर्दनाक सड़क हादसे में वाहन पर सवार तीन युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये तीनों मृतक उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मवाना क्षेत्र के निवासी थे और किसी सिलसिले में सफर कर रहे थे। दुर्घटना की भनक लगते ही स्थानीय पुलिस फौरन घटनास्थल पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर गोविंदगढ़ मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है और इस घटना की जानकारी मृतकों के घर वालों को दे दी गई है।
राजगढ़ जा रहे थे तीनों युवक
हादसे का शिकार हुए ये तीनों युवक मेरठ से चलकर अलवर जिले के राजगढ़ की तरफ जा रहे थे। इन्हें राजगढ़ में स्थित एक फार्म हाउस पर पेड़ लगाने के कार्य के सिलसिले में पहुंचना था। लेकिन गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर उनकी गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई। अभी तक इस दुर्घटना के पीछे की असली वजह का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि आखिर किस वजह से तेज रफ्तार पिकअप अचानक से अनियंत्रित हुई और सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी।
पिलर नंबर 92/900 के पास हुआ हादसा
यह पूरा हादसा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर स्थित पिलर संख्या 92/900 के नजदीक सिरमौर इलाके की सीमा में पेश आया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए और वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में सड़क पर मिली। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले दुर्घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और उसके बाद मृतकों की शिनाख्त कर उनके परिजनों से संपर्क साधने की प्रक्रिया शुरू की।
परिजनों के आने के बाद होगा पोस्टमार्टम
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों के परिजन जैसे ही घटनास्थल पर पहुंचेंगे, उसके बाद आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। परिजनों की मौजूदगी में ही शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा ताकि रिपोर्ट के आधार पर अन्य नियम पूरे किए जा सकें। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटना वास्तव में किन परिस्थितियों के कारण हुई थी।





















