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राजसमंद निकाय चुनाव: वार्ड आठ में बुनियादी सुविधाओं की कमी से नाराज हैं लोगराजस्थान
29 अग॰ 2026, 10:09 am (48 मिनट पहले)· 2

राजसमंद निकाय चुनाव: वार्ड आठ में बुनियादी सुविधाओं की कमी से नाराज हैं लोग

राजसमंद नगर परिषद के वार्ड नंबर आठ में परिसीमन के बाद बदलाव हुआ है, जहां मतदाता पानी, सड़क और सफाई जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं.

राजस्थान में निकाय चुनाव 2026 के सुगबुगाहट के साथ ही राजनीतिक दलों और जनता के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई है। आम जनता के बीच जाकर उनकी जमीनी हकीकत टटोलने वाले चुनावी कार्यक्रमों के तहत इस बार राजसमंद नगर परिषद क्षेत्र का रुख किया गया। इस इलाके के वार्ड नंबर आठ में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने खुलकर अपनी परेशानियां साझा कीं और विकास कार्यों की पोल खोली।

परिसीमन से बदली वार्ड की सूरत

चुनावी चर्चा के दौरान स्थानीय निवासियों ने बताया कि हालिया परिसीमन की प्रक्रिया के बाद उनके पूरे इलाके का नक्शा और राजनीतिक दायरा बदल चुका है। पहले जो हिस्सा वार्ड नंबर 23 के अंतर्गत आता था, उसे अब नए प्रशासनिक बदलावों के तहत वार्ड नंबर आठ का हिस्सा बना दिया गया है। इस नए स्वरूप वाले वार्ड में इस समय साढ़े सात सौ से ज्यादा मतदाता पंजीकृत हैं, जो आगामी चुनावों में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

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बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष

वार्ड के लोगों ने खुलकर आरोप लगाया कि उन्हें अपने छोटे-छोटे विकास कार्यों को पूरा करवाने के लिए भी भारी प्रशासनिक उपेक्षा का सामना करना पड़ा है। अधिकारियों और जिम्मेदार प्रतिनिधियों के दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी जब काम नहीं हुए, तो स्थानीय लोगों में रोष बढ़ना स्वाभाविक था। लोगों का कहना है कि नगर परिषद में पिछली बार कांग्रेस का बोर्ड होने के बावजूद उनके इलाके में अपेक्षित विकास नहीं पहुंच पाया।

सड़क, पानी और सफाई की बदहाली

इलाके के निवासियों का दर्द इस बात को लेकर भी छलका कि उन्हें आज तक सड़क, नाली निर्माण, नियमित सफाई और पीने के पानी जैसी सबसे बुनियादी सहूलियतें भी मय्यत नहीं हो पाई हैं। इन सभी सुविधाओं के अभाव के चलते स्थानीय परिवार खुद को व्यवस्था द्वारा ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वार्डवासियों ने साफ तौर पर मांग उठाई है कि चुनाव जीतने के बाद जो भी नया बोर्ड सत्ता में आए, वह बिना किसी राजनैतिक या क्षेत्रीय भेदभाव के काम करे।

आगे की चुनावी राह

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वार्ड नंबर आठ के ये मतदाता बुनियादी सुविधाओं के इस टोटे और भेदभाव के मुद्दों को आगामी चुनाव में किस तरह भुनाते हैं। हर गली और मोहल्ले में समान विकास और समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग को लेकर जनता अपने वोट की ताकत का इस्तेमाल करने का मन बना चुकी है, जिससे चुनावी सरगर्मी और ज्यादा बढ़ गई है।

सवाल-जवाब

राजसमंद के किस वार्ड में चुनाव को लेकर चर्चा हो रही है?
राजसमंद नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर आठ में चुनावी चर्चा तेज है।
वार्ड नंबर आठ का पुराना नंबर क्या था?
यह क्षेत्र पहले वार्ड नंबर 23 के रूप में जाना जाता था।
नए वार्ड आठ में कितने मतदाता हैं?
इस नए गठित वार्ड में सात सौ पचास से अधिक मतदाता निवास करते हैं।
वार्डवासियों की मुख्य शिकायतें क्या हैं?
लोगों को सड़क, नाली, सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव खल रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·21 मिनट पहले

यह जमीनी रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि शहरी निकायों में परिसीमन और प्रशासनिक फेरबदल अक्सर चुनावी समीकरणों के साथ स्थानीय विकास को भी प्रभावित करते हैं। वार्ड आठ में सड़क, पानी और सफाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर मतदाताओं का यह आक्रोश आगामी चुनावों में सत्ता विरोधी रुझान को मजबूत कर सकता है, जहां राजनीतिक दलों के लिए जाति या दलगत समीकरणों से ज्यादा जनता की मूलभूत आवश्यकताएं केंद्र में रहेंगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·20 मिनट पहले

यह स्पष्ट है कि प्रशासनिक बदलावों और परिसीमन के बाद जब मतदाताओं को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलती हैं, तो उनका यह असंतोष चुनावी प्रक्रिया में प्रशासनिक और राजनीतिक जवाबदेही तय करने का एक बड़ा हथियार बनता है। वार्ड आठ के इन मतदाताओं का रुख यह संकेत देता है कि आगामी निकाय चुनावों में राजनीतिक दलों को केवल पारंपरिक समीकरणों से काम नहीं चलेगा, बल्कि जनता के वास्तविक विकास के मुद्दों पर सीधा जवाब देना होगा।

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