नई दिल्ली में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी की तरफ से देश की राजनीतिक दिशा को लेकर बेहद तीखे बयान दिए गए। सत्ताधारी पार्टी ने सीधे तौर पर विपक्ष के रुख पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि देश के भीतर कुछ लोग ऐसे नैरेटिव को बढ़ावा दे रहे हैं जिससे सरकार को गिराया जा सके। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश वैश्विक पटल पर लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।
विदेशी ताकतों और आंतरिक गठजोड़ का दावा
पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि भारत की इस तरक्की से कुछ बाहरी और भीतरी तत्व बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। सुधांशु त्रिवेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के भीतर और बाहर सक्रिय इन ताकतों के बीच एक स्पष्ट सांठगांठ साफ तौर पर दिखाई देती है। यूरोपीय देशों में हाल ही में सामने आए प्रदर्शनों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के घटनाक्रम भारत के आम नागरिकों के सामने पूरी स्थिति को और अधिक स्पष्ट कर रहे हैं कि किस प्रकार सुनियोजित तरीके से माहौल बिगाड़ा जा रहा है।
सनातन धर्म और संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश
विजयादशमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए गए भाषण की याद दिलाते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि समाज में विभाजन पैदा करने और सनातन धर्म के विरोध के जरिए देश को अस्थिर करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और समूह सत्ता हासिल करने के लिए ऐसे अभियानों का हिस्सा बन रहे हैं जिनका मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं को ठेस पहुंचाना है। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्थानों की छवि धूमिल करने वाले भ्रामक प्रचार का भी जिक्र किया।
त्योहारी सीजन में कारोबार को नुकसान पहुंचाने की आशंका
व्यापारिक गतिविधियों और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा उठाते हुए भाजपा नेता ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि त्योहारी सीजन के दौरान प्रायोजित प्रदर्शनों से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना था कि यह त्योहारी समय व्यापार और मुनाफे के लिहाज से सबसे अहम होता है, लेकिन कुछ लोग भारत की आर्थिक रफ्तार को रोकना चाहते हैं और देश को आगे बढ़ता हुआ देखने में असमर्थ हैं।
पौराणिक कथाओं का संदर्भ और आंदोलनों की प्रकृति
सुधांशु त्रिवेदी ने रामायण का उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस तरह रावण के दस सिर थे और एक सिर कटने के बाद दूसरा सामने आ जाता था, ठीक उसी तरह आज के दौर में चल रहे कुछ आंदोलनों का हाल है। उन्होंने बताया कि एक मांग पूरी होने के बाद फौरन दूसरी नई मांग सामने रख दी जाती है, जिससे यह साफ होता है कि इनके पीछे कोई गहरा और सुनियोजित षड्यंत्र काम कर रहा है। उन्होंने इन आंदोलनों के मूल कारणों और इनमें बार-बार इस्तेमाल किए जा रहे विशिष्ट शब्दों व नारों की गहराई से समीक्षा करने की आवश्यकता पर बल दिया।
विपक्ष के बयानों और विदेशी संपर्कों पर सवाल
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की ओर से सत्ता परिवर्तन के मुद्दे को उठाए जाने पर कटाक्ष करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के नाम का दावा करने वाले नेताओं को जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे आखिर उन ताकतों के साथ क्यों खड़े हैं जो धर्म और संस्कृति को कमजोर करने में जुटी हैं। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पार्टी से भी कड़े सवाल किए और जानना चाहा कि संजय राउत के पास राहुल गांधी से जुड़ी ऐसी कौन सी गुप्त जानकारी है जिससे कांग्रेस के बाकी नेता भी पूरी तरह अनजान बने हुए हैं।
हाइड्रोजन बम और सुनामी जैसे बयानों पर तंज
विदेश यात्राओं से लौटने के बाद राजनीतिक उठापटक और बड़े बदलावों की भविष्यवाणियां करने वाले बयानों पर भी पार्टी ने तीखा हमला बोला। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कभी विदेश से लौटकर हाइड्रोजन बम गिराने की बातें कही जाती हैं तो कभी देश में बड़ी सुनामी आने के दावे किए जाते हैं। उन्होंने दोहराया कि संजय राउत की ओर से दिए जा रहे बयानों के पीछे भी अज्ञात और संदिग्ध विदेशी ताकतों की एक सोची-समझी भूमिका छिपी हुई है।
अपनी बात को समाप्त करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने विश्वास जताया कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि सत्ता पलटने के जितने भी सपने देखे जा रहे हैं, वे सभी 140 करोड़ देशवासियों के अटूट संकल्प के आगे आकर वैसे ही चकनाचूर हो जाएंगे जैसे कोई कांच का टुकड़ा किसी कठोर पत्थर से टकराकर टूट जाता है। हालांकि, इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेशी ताकतों की संलिप्तता के आरोपों को साबित करने के लिए कोई भी औपचारिक या ठोस दस्तावेज पेश नहीं किया गया।





















