कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुंबई यात्रा और अमेरिकी न्याय विभाग यानी यूएस DOJ द्वारा जारी की गई जेफ्री एपस्टीन तथा पुरी से जुड़ी एक वायरल तस्वीर को आपस में जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। इस मामले ने देश की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट पैदा कर दी है और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बयानों का दौर शुरू हो गया है।
मार्को रुबियो की मुंबई यात्रा और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम
अमेरिकी विदेश विभाग के शीर्ष अधिकारी मार्को रुबियो के भारत दौरे और विशेष रूप से उनकी मुंबई यात्रा के समय को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी दौरान अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जेफ्री एपस्टीन और पुरी से संबंधित एक कथित तस्वीर के सामने आने से कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के घटनाक्रमों का कूटनीतिक और घरेलू राजनीति दोनों स्तरों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। विपक्षी दल इस मुद्दे के जरिए लगातार सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश कर रहे हैं और इस मामले की गंभीरता को रेखांकित कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर सीधा निशाना
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में राहुल गांधी ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने तंज कसते हुए यह सवाल पूछा कि इन ताजा घटनाक्रमों के पीछे किस देशद्रोही या राष्ट्रविरोधी ताकत का हाथ है और किसे ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जहां उनके समर्थक इस बात को जोर-शोर से उठा रहे हैं, वहीं विरोधी खेमे की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
पुरी के बारे में
पुरी भारत के ओड़िशा राज्य के पुरी ज़िले में बंगाल की खाड़ी के तट पर बसा हुआ एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण नगर है, जो इस ज़िले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है। यह शहर सनातन संस्कृति के चार धामों में से एक होने के कारण देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए अत्यधिक आस्था का केंद्र माना जाता है। यहाँ स्थित 12वीं शताब्दी का प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर इसे धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत विशिष्ट बनाता है, जिसके कारण इसे श्री जगन्नाथ धाम के नाम से भी पुकारा जाता है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर आम जनता और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं, जहाँ कई लोगों ने इस मामले पर गहरी चिंता जताई है तो कुछ ने तीखे सवाल भी खड़े किए हैं।



























