भारतीय वायु सेना अपने 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक भव्य और रोमांचक हवाई प्रदर्शन आयोजित करने जा रही है। 'विंग्स ओवर गंगा' शीर्षक से यह एयर शो आगामी 22, 24 और 25 अक्टूबर को संपन्न होगा। इस तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन यानी 25 अक्टूबर को वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल पारंपरिक फ्लाईपास्ट दिखाना नहीं है, बल्कि देश के सशस्त्र बलों की वास्तविक युद्ध कौशल क्षमता और उनकी उच्च स्तरीय तैयारियों का जनता के सामने प्रदर्शन करना है।
12 एयरबेस से भरे जाएंगे 100 विमानों के उड़ान
इस विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए भारतीय वायु सेना देश भर के कुल 12 अलग-अलग एयरबेस से लगभग 100 विमानों का संचालन कर रही है। इन विमानों के बेड़े में 52 अत्याधुनिक लड़ाकू विमान, 32 शक्तिशाली हेलीकॉप्टर और 15 परिवहन विमान शामिल किए गए हैं। इस वृहद अभियान के दौरान भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के बीच बेहतरीन और सटीक आपसी तालमेल देखने को मिलेगा। उदाहरण के तौर पर, नौसेना का पी-8आई समुद्री निगरानी विमान चेन्नई के पास स्थित अरक्कोनम से अपनी उड़ान भरेगा। इसके बाद मध्य प्रदेश के ग्वालियर के ऊपर यह विमान मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ जुड़ेगा और फिर संयुक्त रूप से वाराणसी में होने वाले एयर शो का हिस्सा बनेगा।
सार्वजनिक मंच पर पहली बार दिखेगी प्रचंड एरोहेड फॉर्मेशन
इस विशेष एयर शो के दौरान एक अनूठा दृश्य देखने को मिलेगा जब 'प्रचंड' एरोहेड फॉर्मेशन में छह अलग-अलग अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान पहली बार किसी सार्वजनिक हवाई प्रदर्शन में एक साथ उड़ान भरेंगे। इन ताकतवर विमानों की सूची में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए तेजस और मिग-29 शामिल हैं। खास बात यह है कि ये सभी विमान अपने साथ वास्तविक हथियारों को लोड करके उड़ान भरेंगे। इनमें वे हथियार भी विशेष रूप से शामिल होंगे जिनका उपयोग पूर्व में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया गया था। इससे पहले राजस्थान के जोधपुर में देश का बड़ा बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026 का दूसरा संस्करण आयोजित किया जा चुका है, जिसमें दुनिया भर के 40 से अधिक देशों की वायुसेनाओं ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई थी।
नकली हवाई लड़ाई और सुखोई का खास करतब
दर्शकों के रोमांच को और बढ़ाने के लिए इस कार्यक्रम के दौरान दो बनाम एक लड़ाकू मुकाबले का एक सिमुलेशन भी प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान दो जगुआर विमान मालवीय पुल के ऊपर बेहद कम ऊंचाई और तेज गति से अपने हमले के अभ्यास का प्रदर्शन करेंगे, जबकि आसमान में ऊपर से एक सुखोई-30 एमकेआई विमान उन्हें रोकने के लिए उनका इंटरसेप्शन करेगा। इस लाइव सिमुलेशन के जरिए दर्शकों को हवाई युद्ध की जटिल रणनीतियों और लड़ाकू विमानों की परिचालन क्षमताओं का करीब से अनुभव मिलेगा। इसके अलावा, प्रदर्शन के मुख्य आकर्षण के रूप में एक सुखोई-30 एमकेआई दर्शक दीर्घा के बिल्कुल सामने तेज गति से वर्टिकल मैन्यूवर कलाबाजी दिखाएगा, जबकि दूसरा सुखोई-30 एमकेआई विमान करीब 8,000 फीट की ऊंचाई से इन्फ्रारेड इमेजिंग पॉड की मदद से इस पूरे रोमांचक करतब को अपने कैमरे में रिकॉर्ड करेगा।
सूर्य किरण और सारंग टीमों के साथ होगा समापन
इस विशालकाय और भव्य एयर शो का समापन भारतीय वायु सेना की विश्व प्रसिद्ध सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के दिल थाम लेने वाले कलाबाज़ी भरे प्रदर्शनों के साथ किया जाएगा। इन टीमों के शानदार करतब आसमान में दर्शकों का मन मोह लेंगे और इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का अंत एक यादगार विजुअल अनुभव के साथ होगा। भारतीय वायु सेना से जुड़ी अन्य अहम जानकारियों में, हाल ही में एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है, जिन्हें ऑपरेशन सफेद सागर से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक का लंबा और समृद्ध अनुभव प्राप्त है। इसके अलावा देश की सामरिक ताकत को दर्शाने वाले ब्रह्मोस एसयू-30 के वीडियो भी पहले सामने आ चुके हैं।



















