देश की राजनीति में युवा वोटरों और खासकर जेनेरेशन ज़ी की बढ़ती अहमियत को भांपते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को धार देनी शुरू कर दी है। पार्टी अब एक विशेष जेन ज़ी आउटरीच कार्यक्रम का ताना-बाना बुन रही है, जिसके माध्यम से युवा पीढ़ी की उम्मीदों, उनके सवालों और चिंताओं को करीब से समझा जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों और सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं को आधुनिक तरीकों से युवाओं और आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा।
विस्तार कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक
पार्टी के विस्तार कार्यालय में शनिवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस नए अभियान को लेकर कई कड़े और बड़े फैसले लिए गए। इस पूरी मुहिम को अमलीजामा पहनाने के लिए एक 10 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन इस कमेटी की कमान संभालेंगे और इसकी अध्यक्षता करेंगे, जबकि पार्टी महासचिव विनोद तावड़े को इस पूरी योजना का कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। इस उच्चस्तरीय कमेटी में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी और सतीश पूनिया समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल किया गया है।
युवाओं की प्राथमिकताओं से जुड़ने की तैयारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह कमेटी विशेष तौर पर जेन ज़ी और युवा वर्ग तक अपनी पैठ मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेगी। इस आउटरीच का दायरा सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सीधे युवाओं के बीच जाकर संवाद स्थापित करेंगे और उनकी प्राथमिकताओं व जरूरतों को गहराई से समझेंगे। पार्टी का प्रयास है कि युवाओं के बीच सरकार के कामकाज, रोजगार के नए अवसरों, शिक्षा, स्टार्टअप संस्कृति, अत्याधुनिक तकनीक, स्किलिंग और देश के चौमुखी विकास से जुड़े मुद्दों को बेहद प्रभावशाली और सरल शैली में रखा जाए।
'सेवा संकल्प अभियान' का मेगा प्लान
पार्टी महासचिव विनोद तावड़े ने इस संगठनात्मक बैठक के बाद मीडिया को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ लेने के 25 साल आगामी 7 अक्टूबर 2026 को पूरे होने जा रहे हैं। इसी ऐतिहासिक मील के पत्थर को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने देश भर में एक महीने तक चलने वाले व्यापक ‘सेवा संकल्प अभियान’ को आयोजित करने की पूरी तैयारी कर ली है। तावड़े ने बताया कि पार्टी हर साल प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस यानी 17 सितंबर के आसपास ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाती है, लेकिन इस बार मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के संदर्भ को जोड़ते इसे एक विशाल ‘सेवा संकल्प अभियान’ का रूप दिया जाएगा। इस अभियान के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं को केवल पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित करने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जाकर धरातल पर सेवा कार्य करने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया जाएगा।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का होगा सम्मान
इस बड़े ‘सेवा संकल्प अभियान’ में देश भर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सेविकाओं को भी एक बहुत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। विनोद तावड़े ने स्पष्ट किया कि देश भर में फैली 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ियों में निष्ठा से काम करने वाली महिलाओं के अमूल्य योगदान को सम्मानित करने की पुख्ता योजना बनाई गई है। बीजेपी का मानना है कि केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अति पिछड़े वर्ग और छोटे बच्चों तक पहुंचाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बहुत बड़ी और निर्णायक भूमिका होती है। बच्चों के शुरुआती पोषण और उनके स्वास्थ्य की देखभाल से जुड़े कार्यों में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय है। यही वजह है कि अभियान के दौरान विशेष रूप से ‘आंगनवाड़ी सम्मान’ और ‘मातृ सम्मान’ जैसे गरिमापूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर आंगनवाड़ी सेविकाओं से सीधा संपर्क करें और उनके सामाजिक योगदान का यथोचित सम्मान करें।
'सेवा में मेरा योगदान' पहल और डिजिटल जुड़ाव
इस वृहद अभियान का एक बेहद खास हिस्सा देश के युवाओं को सक्रिय रूप से जोड़ना भी है। पार्टी ‘सेवा में मेरा योगदान’ नाम से एक अनोखी पहल शुरू करने जा रही है। इसके तहत देश के युवाओं और आम नागरिकों से यह अपील की जाएगी वे अपने-अपने स्तर पर सेवा से जुड़े कार्य करें और उन गतिविधियों को सोशल मीडिया पर उत्साह के साथ साझा करें। विनोद तावड़े ने इसके उदाहरण के तौर पर स्वच्छता अभियान, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और देश से टीबी उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी गांव या मोहल्ले में टीबी के मरीजों की पहचान की जाती है और उन्हें सरकारी टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के साथ जोड़ा जाता है, तो इसे भी सेवा के एक बड़े योगदान के रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है। पार्टी की यह स्पष्ट योजना है कि युवाओं को इस तरह के सामाजिक कार्यों की रील और आकर्षक डिजिटल कंटेंट तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके बाद इन सकारात्मक गतिविधियों को जिला और प्रदेश स्तर पर और अधिक विस्तार दिया जाएगा।
संगठन में एकरूपता लाने के लिए दिशा-निर्देश
बीजेपी की इस नई टीम के गठन के बाद यह पहली ऐसी बड़ी संगठनात्मक बैठक थी, जिसमें दूरगामी रणनीतियों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान देश के विभिन्न राज्यों और प्रदेश इकाइयों की टीमों को संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए गए। तावड़े के अनुसार, वर्तमान में प्रत्येक प्रदेश की सात-आठ सदस्यीय टीमों के साथ विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, ताकि कार्यशैली में तेजी लाई जा सके। पार्टी का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार से लेकर बूथ और गांव के स्तर तक संगठन की तमाम गतिविधियों में एकरूपता लाना है, ताकि केंद्र सरकार की जनहित योजनाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को देश के कोने-कोने तक ज्यादा प्रभावी और सरल तरीके से पहुंचाया जा सके।



















