पश्चिम बंगाल की राजनीति में राष्ट्रवाद और देशभक्ति का मुद्दा एक बार फिर गरमाता हुआ नजर आ रहा है। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों की एक जनसभा को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने बेहद कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कर दिया कि राज्य की धरती पर रहने वाले हर नागरिक को वंदे मातरम् का गायन करना अनिवार्य होगा और इस विषय पर किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
वंदे मातरम् पर सख्त संदेश
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल में बसने वाले प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रगीत गाना ही होगा। उनके इस तीखे बयान को राज्य सरकार की ओर से राष्ट्रवाद के एजेंडे पर एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। सरकार का यह रुख स्पष्ट करता है कि राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगीत के प्रति किसी भी तरह की कोताही या विरोध को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यादवपुर विश्वविद्यालय पर तीखा हमला
इस जनसभा के दौरान यादवपुर विश्वविद्यालय विशेष तौर पर उनके निशाने पर रहा। परिसर के भीतर कथित तौर पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के पनपने का दावा करते हुए उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के परिसर में राष्ट्रीय ध्वज तक नहीं फहराया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी खुलासा किया कि राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कैंपस के अंदर जाने से रोका जाता है और सुरक्षा तथा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति भी नहीं दी जाती है।
टुकड़े-टुकड़े गैंग और जिहादियों पर प्रहार
उन्होंने खुले तौर पर आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के भीतर ऐसे तत्व सक्रिय हैं जो न केवल वंदे मातरम् का विरोध करते हैं बल्कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों को मनाने से भी कतराते हैं। ऐसे लोगों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने उन्हें टुकड़े-टुकड़े गैंग और जिहादी करार दिया। उनका कहना था कि इन लोगों की मानसिकता देश की अखंडता और संस्कृति के खिलाफ है।
मीडिया और राष्ट्रवाद की स्थापना पर बात
अपने भाषण में उन्होंने मीडिया के एक खास हिस्से पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मीडिया का एक वर्ग राष्ट्र-विरोधी ताकतों के समर्थन में कितनी भी रिपोर्टिंग क्यों न कर ले, उनकी सरकार इस दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है। उन्होंने संकल्प जताया कि यादवपुर विश्वविद्यालय के अंदर और बाहर हर हाल में राष्ट्रवाद स्थापित करके दम लिया जाएगा।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विजन का जिक्र
बातचीत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान और सपनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को धरातल पर उतारने के लिए ही सत्ता में आई है। उनके अनुसार शिक्षण संस्थानों में देश की सनातन संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की स्पष्ट झलक दिखाई देनी चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत हो सके।





















