देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके मिजाज को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने एक नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। राजनीतिक गलियारों से मिल रही जानकारी के अनुसार, सत्तारूढ़ दल ने जेन जी वर्ग के बीच अपनी पैठ गहरी करने के उद्देश्य से एक विशेष आउटरीच टीम का गठन किया है। इस दल में पार्टी के कई प्रमुख और अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो सीधे तौर पर युवाओं से जुड़ेंगे और उनकी उम्मीदों तथा प्राथमिकताओं को समझने का प्रयास करेंगे।
विशेष टीम में किन नेताओं को मिली जगह
पार्टी की ओर से बनाई गई इस खास टीम में कई बड़े चेहरों को शामिल किया गया है जो युवाओं के बीच संवाद को गति देंगे। इस समिति में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े, हर्ष सांघवी और ओ.पी. चौधरी जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी नेताओं को अलग-अलग मोर्चों पर युवाओं को पार्टी की विचारधारा और नीतियों से जोड़ने का जिम्मा सौंपा गया है।
- नितिन नवीन
- स्मृति ईरानी
- विनोद तावड़े
- हर्ष सांघवी
- ओ.पी. चौधरी
- तथा अन्य नेता
नितिन नवीन का नेशन फर्स्ट का मंत्र
इससे पहले शनिवार को भारतीय जनता पार्टी की एक अहम राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक का आयोजन किया गया था, जो अब पूरी हो चुकी है। इस उच्चस्तरीय बैठक में पार्टी के नए पदाधिकारियों के साथ-साथ पुराने अनुभवी नेताओं ने भी हिस्सा लिया था। बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने सभी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में अनुशासन और संयम का दामन कभी नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विपक्ष की तरफ से लगाए जाने वाले हर आरोप का जवाब हवा में नहीं बल्कि ठोस तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे हमेशा नेशन फर्स्ट की भावना को सर्वोपरि रखते हुए काम करें और पार्टी की मूल विचारधारा से मजबूती से जुड़े रहें। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकारों की जनहितकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने और उनके प्रचार-प्रसार पर भी विस्तार से मंथन किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में भागीदारी
पार्टी की इन बैठकों के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। इस महत्वपूर्ण सत्र में नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के अलावा देश भर के सभी राज्यों के संगठन मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालातों की समीक्षा के साथ-साथ आने वाले दिनों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर भी गहन मंथन किया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान पार्टी नेताओं को संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के साथ-साथ चुनावी रणनीति को लेकर बहुत ही अहम दिशा-निर्देश दे सकते हैं।





















