केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने 26 अक्टूबर को ब्राजील के राष्ट्रपति पद के लिए चौथी बार ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाले लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह शानदार जीत इस बात की पक्की गवाही देती है कि वामपंथी राजनीति आज भी उतनी ही प्रासंगिक है और जनता के बीच इसकी जड़ें गहरी हैं। विजयन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी और कहा कि लूला दा सिल्वा की लगातार मिल रही चुनावी सफलताएं इस बात का पुख्ता सबूत पेश करती हैं कि मेहनतकश कामगार वर्ग अपने आने वाले कल को खुद गढ़ने में बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकता है।
श्रमिक अधिकारों और समानता पर जोर
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मार्क्सवादी नेता ने दुनिया भर के वामपंथी समर्थकों को संदेश दिया कि ब्राजील से लेकर भारत तक के राजनीतिक हालात से एक बहुत साफ सबक मिलता है। उनका कहना था कि दक्षिणपंथी ताकतों और उनकी राजनीति का डटकर मुकाबला करने के लिए केवल विरोध काफी नहीं है, बल्कि श्रमिकों के पुख्ता अधिकारों, सामाजिक न्याय और बराबरी पर आधारित एक मजबूत व्यवस्था का विकल्प खड़ा करने की जरूरत है। विजयन ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस वैश्विक बदलाव और लूला की सफलता से देश में भी एक नई उम्मीद जगती है।
विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ संघर्ष
विजयन के मुताबिक, ब्राजील के नेता की यह ऐतिहासिक सफलता देश में संघ परिवार की कथित विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ चल रहे संघर्ष को नई ताकत देती है। इससे एक ज्यादा न्यायपूर्ण, समतावादी और लोकतांत्रिक देश के निर्माण की उम्मीदें फिर से मजबूत होती हैं। दूसरी ओर, ब्राजील के निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सभी मतों की गिनती का काम पूरा होने के बाद वर्कर्स पार्टी के नेता लूला को उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो के मुकाबले करीब 44 लाख ज्यादा वोट हासिल हुए। इस तरह लूला दा सिल्वा ने कुल पड़े मतों में से 51.8 प्रतिशत हिस्सा अपने नाम किया।
























