चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह के दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने वहां मौजूद लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया का ध्यान खींच लिया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय जब राष्ट्रीय ध्वज फहरा रहे थे, तब वीआईपी दीर्घा में दक्षिण भारतीय फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री तृषा कृष्णन उनके परिवार के साथ मौजूद थीं। पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्तों को लेकर चल रही तरह-तरह की राजनीतिक और व्यक्तिगत अटकलों के बीच यह पहला मौका था जब तृषा और सीएम विजय किसी आधिकारिक शासकीय मंच पर एक साथ नजर आए। समारोह से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में तृषा न केवल मुख्यमंत्री के परिजनों के साथ बेहद सहज दिखाई दीं, बल्कि उन्होंने पूरे उत्साह के साथ ध्वजारोहण के पलों को अपने मोबाइल में भी संजोया।
वीआईपी दीर्घा में दिखा आत्मीय नजारा और ध्वजारोहण का सम्मान
15 अगस्त 2026 को आयोजित इस मुख्य राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री विजय ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी स्वीकार की। इस दौरान सचिवालय के विशेष वीआईपी ब्लॉक में अभिनेत्री तृषा को मुख्यमंत्री के पिता व वरिष्ठ तमिल फिल्म निर्देशक एस. ए. चंद्रशेखर और उनकी माता शोबा चंद्रशेखर के ठीक बगल वाली कुर्सी पर बैठे देखा गया। तृषा समारोह के दौरान विजय के माता-पिता के साथ बेहद आत्मीयता से बातचीत कर रही थीं। जब मुख्यमंत्री विजय मंच पर तिरंगा फहराने पहुंचे, तो तृषा ने अपने मोबाइल फोन से उस लम्हे की तस्वीरें खींची और वीडियो रिकॉर्ड किया। तिरंगा लहराते ही उनके चेहरे पर एक खास मुस्कान देखी गई जिसे कैमरों ने रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद तृषा ने खड़े होकर मुख्यमंत्री विजय को सलामी भी दी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ट्रेंडिंग हैशटैग
ध्वजारोहण के तुरंत बाद यह वीडियो एक्स और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से प्रसारित होने लगा। देखते ही देखते एक्स पर #Trisha, #CMVijay और #IndependenceDay जैसे हैशटैग शीर्ष ट्रेंड्स में शामिल हो गए। नेटिजन्स और प्रशंसकों के बीच इस उपस्थिति को लेकर खासी चर्चा छिड़ गई। प्रशंसकों का मानना है कि पिछले कई महीनों से विरोधियों और मीडिया के एक वर्ग द्वारा फैलाए जा रहे तमाम विवादों तथा बयानों को दरकिनार करते हुए तृषा का सीधे मुख्यमंत्री के पारिवारिक ब्लॉक में बैठना यह स्पष्ट करता है कि उनके बीच किसी तरह का मनमुटाव नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों ने भी इस सार्वजनिक मौजूदगी को पारिवारिक नजदीकी और प्रगाढ़ संबंधों के प्रत्यक्ष प्रमाण के रूप में रेखांकित किया है।
विजय के राजनीतिक सफर और तृषा से जुड़ी अफवाहों की पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि सिनेमाई पर्दे से राजनीति के मैदान में कदम रखने, अपनी राजनीतिक पार्टी टीवीके के गठन और तत्पश्चात राज्य के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने तक विजय और तृषा के संबंधों को लेकर तमिल सिनेमा से लेकर राजनीतिक गलियारों तक भांति-भांति की चर्चाएं गर्म रही हैं। दोनों ने कई सफल फिल्मों में साथ काम किया है, जिससे उनके व्यक्तिगत जीवन को लेकर तरह-तरह की अफवाहें उड़ती रही हैं। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के गरिमामय अवसर पर तृषा का शासकीय आयोजन में मुख्यमंत्री के माता-पिता के संग अग्रिम पंक्ति में बैठकर सीएम को चीयर करना राजनीति और एंटरटेनमेंट जगत में दिन भर चर्चा का सबसे मुख्य विषय बना रहा।
उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी और हालिया राजनीतिक विवाद
इस पूरी घटना का एक अहम पहलू हाल ही में हुआ वह राजनीतिक विवाद भी है जिसने तमिलनाडु की राजनीति में गरमाहट ला दी थी। कुछ ही दिन पहले तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के पुत्र एवं डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर एक बयान दिया था। इस बयान को द्विअर्थी तथा आपत्तिजनक मानते हुए भारी राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया था। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में ले लिया था। बाद में मद्रास हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत उन्हें स्टेशन जमानत पर रिहा किया गया। इस पूरी कार्रवाई पर विपक्षी पार्टी डीएमके ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार पर राजनीतिक बदले की नीयत से कदम उठाने का गंभीर आरोप लगाया था। इस संपूर्ण घटनाक्रम के ठीक बाद स्वतंत्रता दिवस पर तृषा की यह उपस्थिति और अधिक मायने रखती है।



















