देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई प्रमुख शहरों में चल रहे इन प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने शासनकाल में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया और छात्रों का शोषण किया, वे आज उनके हमदर्द बनने का दिखावा कर रहे हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने इसे केवल घड़ियाली आंसू बहाने जैसी राजनीतिक नौटंकी करार दिया।
नए कड़े नकल विरोधी कानून की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कैबिनेट द्वारा हाल ही में मंजूर किए गए नए नकल विरोधी कानून (Anti-Cheating Law) की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के अत्यंत आभारी हैं जिन्होंने बीते तीन दिनों के भीतर युवाओं के हित में इतने बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। इस नए और सख्त कानून के तहत परीक्षाओं में धांधली करने वाले और पेपर लीक कराने वाले नकल माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। अब इस अपराध में पकड़े जाने पर दोषियों को 10 साल तक की जेल की सजा भुगतनी होगी और साथ ही 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कानून युवाओं के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
पिछली सरकारों के कथित भ्रष्टाचार पर बोला तीखा हमला
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की पिछली प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पहले युवाओं की सरकारी नौकरियों पर एक खास सैफई सिंडिकेट डकैती डालता था। उस दौर में जब भी कोई सरकारी नौकरी निकलती थी, तो चाचा-भतीजे की जोड़ी युवाओं से वसूली करने के लिए निकल पड़ती थी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2012 से लेकर 2017 के बीच राज्य में जितनी भी सरकारी भर्तियां निकाली गईं, वे सभी कानूनी विवादों में घिरी रहीं। उस समय नियुक्तियों में योग्यता और मेरिट को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया था, जिससे योग्य और प्रतिभावान युवाओं को नौकरी के अवसरों से वंचित होना पड़ा।
नौ वर्षों में नौ लाख से अधिक युवाओं को मिलीं नौकरियां
पिछली सरकारों के कार्यकाल की तुलना अपने वर्तमान शासन से करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की पूरी प्रशासनिक और भर्ती प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 9 वर्षों के दौरान उनकी सरकार ने अकेले यूपी में 9 लाख से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में नौकरियों की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और मेरिट के आधार पर संचालित की जा रही है, जिससे राज्य के योग्य उम्मीदवारों को उनका हक मिल रहा है।
सपा की विकास विरोधी नीतियों और अवैध कब्जों पर निशाना
विपक्षी दल पर हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राजनीतिक एजेंडे में कभी भी लोक-कल्याण और विकास शामिल नहीं रहा। यही कारण है कि वे जनता का विश्वास खो चुके हैं और आज बेरोजगारों की तरह घूम रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सपा के नेताओं द्वारा चलाए जा रहे ठेकेदारी, पट्टे और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करने जैसे तमाम काले धंधे अब पूरी तरह से बंद हो चुके हैं। इस प्रशासनिक कड़ाई के कारण विपक्ष अब पूरी तरह से हताशा और मायूसी में डूब गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासन में ये लोग किसी भी खाली प्लॉट या जमीन पर जबरन कब्जा कर लेते थे, लेकिन अब उनके लिए ऐसी अवैध गतिविधियों की कोई जगह नहीं बची है।
तीन जिलों के लिए करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात
इस राजनीतिक संबोधन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के तीन जिलों फतेहपुर, जालौन और आगरा के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने कुल 2,105 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 552 विकास परियोजनाओं का भव्य लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र, स्वीकृति-पत्र, उपकरण किट और वित्तीय सहायता के चेक भी वितरित किए। इससे पहले भी मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले के निवासियों के लिए 581 करोड़ रुपये की बड़ी विकास परियोजनाओं की शुरुआत की थी।



















