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डोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ के बाद कनाडा ने रोकी ट्रेड डील, मार्क कार्नी ने दी एनर्जी सप्लाई रोकने की खुली धमकीराजनीति
22 अग॰ 2026, 10:29 pm (20 दिन पहले)· 2

डोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ के बाद कनाडा ने रोकी ट्रेड डील, मार्क कार्नी ने दी एनर्जी सप्लाई रोकने की खुली धमकी

कनाडा ने अमेरिका के साथ चल रही ट्रेड वार्ताओं को बीच में ही रोक दिया है और मार्क कार्नी ने अमेरिका को ऊर्जा आपूर्ति बंद करने की चेतावनी दी है।

डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते अमेरिका और कनाडा के बीच कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है और दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। अमेरिकी प्रशासन की तरफ से भारी-भरकम शुल्क लगाने की जिद के आगे झुकने से इनकार करते हुए कनाडा ने एक कड़ा कदम उठाया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वॉशिंगटन के साथ चल रही सभी ट्रेड डील वार्ताओं को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है और बातचीत कर रहे अपने अधिकारियों को वापस ओटावा बुला लिया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मार्क कार्नी ने अमेरिका को मिलने वाली ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सीधी चेतावनी दी है और इसके तमाम आंकड़े सार्वजनिक किए हैं।

कनाडा की ऊर्जा पर टिकी है अमेरिकी अर्थव्यवस्था

अमेरिकी राष्ट्रपति लंबे समय से सार्वजनिक मंचों पर यह दावा करते आए हैं कि अमेरिका को कनाडा के साथ व्यापार में भारी घाटे का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन मार्क कार्नी ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी स्थिति का स्पष्ट हिसाब दुनिया के सामने रखा है। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच माल के व्यापार में जो मामूली अंतर नजर आता है, उसकी मुख्य वजह यह है कि अमेरिका अपनी जरूरत का अधिकांश ईंधन और ऊर्जा सीधे कनाडा से आयात करता है। मंच से आंकड़े रखते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कनाडा किस तरह अमेरिकी विकास और उसकी अर्थव्यवस्था को लगातार ईंधन मुहैया करा रहा है।

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आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका अपनी जरूरत का 99 प्रतिशत प्राकृतिक गैस कनाडा से ही मंगवाता है। इसके अलावा 85 प्रतिशत बिजली अमेरिका को कनाडा से ही मिलती है और करीब 60 प्रतिशत कच्चा तेल भी कनाडाई स्रोतों से ही आता है। इन आंकड़ों को पेश करने के बाद मार्क कार्नी ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका शायद यह बिल्कुल नहीं चाहेगा कि कनाडा उन्हें ऊर्जा की यह आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दे। एक तरह से यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था को खुला संदेश था कि यदि ऊर्जा के मोर्चे पर रोक लगाई गई, तो अमेरिकी विकास की गति पूरी तरह ठप पड़ सकती है।

सेवा क्षेत्र का सच और व्यापार संतुलन

मार्क कार्नी ने केवल ऊर्जा आपूर्ति तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि उन्होंने अमेरिका और कनाडा के बीच के कुल व्यापारिक संतुलन का असली सच भी सबके सामने रखा। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल वस्तुओं के व्यापार की ही बात क्यों की जाए, जबकि सेवा क्षेत्र को देखने पर तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आती है। बैंकिंग, वित्त, मनोरंजन और हॉलीवुड जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कनाडा हर साल अरबों डॉलर की अमेरिकी सेवाएं खरीदता है। जब सामान और सेवाओं दोनों के आंकड़ों को मिलाया जाता है, तो असलियत यह सामने आती है कि अमेरिका लंबे समय से कनाडा के साथ व्यापारिक मुनाफे में चल रहा है। इसके बावजूद अमेरिकी मंचों से कनाडा को एक ऐसा राष्ट्र बताया जा रहा है जो कथित तौर पर अमेरिका का फायदा उठा रहा है।

पचास प्रतिशत टैरिफ पर डॉलर के बदले डॉलर की रणनीति

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इस पूरे विवाद की जड़ में वह अमेरिकी फैसला है जिसके तहत कनाडा के करीब 28 अरब कनाडाई डॉलर के उत्पादों पर 50 प्रतिशत का भारी आयात शुल्क थोपने की घोषणा की गई थी। अमेरिकी अधिकारियों को यह उम्मीद थी कि इस कड़े दबाव और अंतिम समय की समयसीमा के आगे कनाडा घुटने टेक देगा और उनकी सभी शर्तें मान लेगा। लेकिन कनाडाई नेतृत्व ने साफ कर दिया कि हालात बदल चुके हैं। वॉशिंगटन से अपने वार्ताकारों को वापस बुलाने के बाद यह स्पष्ट कर दिया गया कि अमेरिका की तरफ से आखिरी क्षणों में जोड़े गए नियम पूरी तरह से अनुचित हैं। यह भी साफ कर दिया गया कि यदि अमेरिका की तरफ से पचास प्रतिशत टैरिफ लगाया जाता है, तो कनाडा भी चुपचाप नहीं बैठेगा और अमेरिकी उत्पादों पर डॉलर के बदले डॉलर के हिसाब से कड़ा शुल्क लगाकर बराबर का जवाब देगा।

सवाल-जवाब

कनाडा ने अमेरिका के साथ क्या कदम उठाया है?
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के साथ चल रही ट्रेड डील वार्ताओं को बीच में ही रोक दिया है और अपने वार्ताकारों को वॉशिंगटन से ओटावा वापस बुला लिया है।
मार्क कार्नी ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?
कार्नी ने अमेरिका को दी जाने वाली ऊर्जा आपूर्ति को रोकने की चेतावनी दी है और स्पष्ट किया है कि कनाडा ही अमेरिकी विकास का मुख्य ईंधन है।
अमेरिका कनाडा से कितनी प्राकृतिक गैस और बिजली आयात करता है?
अमेरिका अपनी जरूरत का 99 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 85 प्रतिशत बिजली कनाडा से खरीदता है।
अमेरिका कनाडा के किन सामानों पर टैरिफ लगाने जा रहा था?
अमेरिका ने कनाडा के करीब 28 बिलियन कैनेडियन डॉलर के सामानों पर 50 फीसदी का भारी-भरकम टैरिफ लगाने का ऐलान किया था।
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टिप्पणियाँ 4

Rohan Verma@rohan-verma·19 दिन पहले

डोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ के दबाव और कनाडा के कड़े रुख से वैश्विक व्यापार युद्ध का नया मोर्चा खुल गया है। मार्क कार्नी द्वारा अमेरिका की 99% गैस, 85% बिजली और 60% कच्चे तेल की निर्भरता के आंकड़े सार्वजनिक करना और ऊर्जा आपूर्ति रोकने की चेतावनी देना यह बताता है कि यह विवाद अब केवल सीमा शुल्क तक सीमित नहीं रहेगा। यदि यह गतिरोध थमता नहीं है, तो अमेरिकी विनिर्माण और ऊर्जा बाजारों में भारी संकट पैदा हो सकता है, जिससे वैश्विक मुद्रास्फीति और आपूर्ति श्रृंखला पर सीधा असर पड़ेगा।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·19 दिन पहले

यह आर्थिक टकराव वैश्विक ऊर्जा बाजारों और कमोडिटी चेन के लिए एक बड़ा भू-राजनीतिक खतरा बन गया है। जब कोई देश अपनी 99 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति को कूटनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की चेतावनी देता है, तो कच्चे तेल की कीमतें भारी अस्थिरता का शिकार हो सकती हैं। उत्तर अमेरिकी महाद्वीप में ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला का यह संकट आने वाले दिनों में वैश्विक निवेशकों की चिंताएं बढ़ाएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·19 दिन पहले

अमेरिका और कनाडा के बीच इस बड़े व्यापारिक और कूटनीतिक गतिरोध के बाद अब राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमावर्ती तस्करी और ऊर्जा अवसंरचना की रक्षा पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। यदि यह कूटनीतिक तनाव और गहराता है, तो दोनों देशों की कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और खुफिया तंत्रों के बीच आपसी सहयोग में भारी गिरावट आने की आशंका है, जिससे सीमा पर संगठित अपराध और सुरक्षा चुनौतियाँ तेजी से बढ़ सकती हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·19 दिन पहले

सहकर्मी करण मल्होत्रा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यदि यह व्यापारिक और ऊर्जा गतिरोध लंबा खिंचता है, तो इसका असर सीधे वैश्विक वित्तीय बाजारों और कमोडिटी फ्यूचर्स पर पड़ेगा। अमेरिकी ऊर्जा आयात में कनाडा की 99% प्राकृतिक गैस और 60% कच्चे तेल की हिस्सेदारी को देखते हुए, सप्लाई चेन में कोई भी व्यवधान वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी अस्थिरता पैदा कर सकता है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजारों में कनाडाई डॉलर (CAD) और अमेरिकी डॉलर (USD) के बीच का संतुलन बुरी तरह हिल सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है और सीमा पार निवेश प्रवाह पर गहरा असर पड़ सकता है।

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