पंजाब की राजनीति में नशा एक बार फिर बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा बनने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य को इस गंभीर समस्या से पूरी तरह आजाद कराने और सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने की पुख्ता रणनीति तैयार कर ली है। इसी कड़ी में आगामी 18 सितंबर से एक व्यापक राज्यव्यापी अभियान का आगाज होने जा रहा है, जिसे 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का नाम दिया गया है। यह पूरा अभियान 18 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक लगातार जारी रहेगा। पार्टी का मुख्य उद्देश्य इस संवेदनशील विषय को केवल सियासी बहस या बयानबाजी तक सीमित न रखकर इसे सीधे तौर पर एक बड़ा जन आंदोलन बनाना है, ताकि समाज के हर वर्ग को इस बुराड़ी के खिलाफ एकजुट किया जा सके।
पठानकोट से होगा आगाज और जालंधर में होगा समापन
इस बड़े जन अभियान की शुरुआत सीमावर्ती शहर पठानकोट से की जाएगी, जबकि इसका समापन जालंधर में एक विशाल जनसभा के साथ होगा। पार्टी की रूपरेखा के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन हरी झंडी दिखाकर इस यात्रा को विधिवत रवाना करेंगे। यात्रा के लगभग 13 दिनों के सफर के दौरान पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में कुल 5 बड़ी रैलियों का आयोजन किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी का लक्ष्य राज्य की आबादी के एक बड़े हिस्से यानी करीब 3 करोड़ लोगों तक सीधे तौर पर अपनी बात पहुंचाना और उन्हें इस मुहिम से जोड़ना है।
अमित शाह के शामिल होने की संभावना और चार्जशीट का दांव
यात्रा के समापन के अवसर पर जालंधर में एक भव्य रैली का आयोजन तय किया गया है, जिसके अंतिम चरण में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी शिरकत करने की बात सामने आ रही है। इस प्रकार, यात्रा के आखिरी पड़ाव पर पार्टी राज्य की सरकार पर राजनीतिक दबाव को और अधिक बढ़ाने की पूरी तैयारी में है। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी की ओर से जनता के बीच एक विशेष 'चार्जशीट' भी बांटी जाएगी। इस दस्तावेज में वर्तमान सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए जाएंगे और यह हिसाब मांगा जाएगा कि पिछले कुछ समय में नशे के कारोबार को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर क्या ठोस कदम उठाए गए हैं और धरातल पर उनकी स्थिति क्या रही है।
पीड़ित परिवारों को मंच और कई तरह की गतिविधियां
इस पूरी यात्रा का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहलू उन परिवारों को जोड़ना है जो इस त्रासदी का सीधा शिकार हुए हैं। पार्टी ऐसे पीड़ित परिवारों को अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखने का पूरा मंच प्रदान करेगी, ताकि आम जनता तक यह संदेश पहुंच सके कि इस समस्या ने घरों को किस प्रकार बर्बाद किया है। इसके अलावा, इस अभियान में विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों, युवा एवं खेल क्लबों, नशा मुक्ति केंद्रों और ग्रामीण स्तर पर सक्रिय स्थानीय समितियों को भी बड़े पैमाने पर शामिल किया जाएगा। अभियान के दौरान नागरिकों से नशे के खिलाफ एक औपचारिक शपथ या संकल्प पत्र भी भरवाए जाएंगे, ताकि लोग व्यक्तिगत तौर पर इस बुराई से दूर रहने का संकल्प लें।
विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन और भगत सिंह के गांव का दौरा
पार्टी ने इस अभियान को केवल पारंपरिक जनसभाओं तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसमें जनसंपर्क के कई अन्य रचनात्मक माध्यमों को भी शामिल किया गया है। यात्रा के दौरान ग्रामीण और शहरी इलाकों में बाइक रैलियों, पदयात्राओं, नारी शक्ति कार्यक्रमों और नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही, नशा मुक्ति केंद्रों से जुड़ी विभिन्न जागरूकता गतिविधियां भी इस यात्रा का अहम हिस्सा रहेंगी ताकि युवाओं को सही दिशा दिखाई जा सके। अपनी इस यात्रा के दौरान भारतीय जनता पार्टी का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव भी पहुंचेगा और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। पार्टी इस पूरी रूपरेखा को पंजाब के युवाओं के भविष्य और देश के प्रति शहीद भगत सिंह के महान विचारों से जोड़कर जनता के सामने पेश करने की योजना बना रही है। इस बहुप्रतीक्षित यात्रा का आधिकारिक लोगो आगामी 11 सितंबर को लॉन्च किया जाएगा, जिसके बाद राज्य में चुनावी और राजनीतिक सरगर्मी के साथ इस कैंपेन के और अधिक तेज होने की पूरी संभावना है।



















