इन दिनों इंटरनेट पर अस्सी के दशक की एआई तस्वीरों का ट्रेंड काफी तेजी से फैल रहा है, जहां आम लोग से लेकर सेलिब्रिटी तक रेट्रो लुक में अपनी तस्वीरें साझा कर रहे हैं। हालांकि, भारतीय राजनीति में कोई भी लोकप्रिय ट्रेंड बिना किसी विवाद या ड्रामे के कैसे रह सकता है? मंत्रियों और नेताओं की पुरानी यादों से जुड़ा यह चलन देखते ही देखते दो प्रमुख दलों के बीच एक जोरदार डिजिटल संघर्ष में बदल गया। इस घमासान की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस के केरल हैंडल ने गुजरात की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक तीखा तंज कसा। इसके जवाब में भाजपा के एक अन्य हैंडल से ऐसा पलटवार किया गया जिसने ऑनलाइन मंचों का तापमान काफी बढ़ा दिया और देखते ही देखते तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया।
मारुति ओम्नी और गुजरात की कानून-व्यवस्था पर तंज
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस के आधिकारिक केरल ट्विटर हैंडल @INCKerala से एक एआई-तैयार तस्वीर साझा की गई। इस तस्वीर में अस्सी के दशक की पृष्ठभूमि वाली एक सड़क पर मारुति सुजुकी ओम्नी गाड़ी दिखाई गई, जिसके भीतर एक व्यक्ति बैठा नजर आ रहा है। नब्बे के दशक तक बॉलीवुड फिल्मों में इस वाहन को अक्सर गलत गतिविधियों या अपहरण से जोड़कर दिखाया जाता था। इसी सिनेमैटिक संदर्भ का हवाला देते हुए कांग्रेस ने परोक्ष रूप से गुजरात की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने की कोशिश की थी। इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला चल पड़ा।
भाजपा का तीखा और व्यक्तिगत पलटवार
कांग्रेस के इस कटाक्ष पर भारतीय जनता पार्टी के तेलंगाना हैंडल @BJP4Telangana ने बिना किसी देरी के बेहद आक्रामक अंदाज में जवाब दिया। भाजपा ने उस पोस्ट को उद्धृत करते हुए एक अन्य एआई-निर्मित तस्वीर पेश की जिसमें सत्तर के दशक के एक इतालवी बार के भीतर एक महिला को नृत्य करते हुए दिखाया गया। हालांकि इस पोस्ट में सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिखा गया था, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे तुरंत सोनिया गांधी के जन्मस्थान से जोड़कर देखा। इसके अलावा भाजपा की गुजरात इकाई @BJP4Gujarat की तरफ से भी इस पूरे घटनाक्रम के बीच कड़े बयान जारी किए गए, जिसमें तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए विरोधी दल पर जोरदार हमला बोला गया।
सोशल मीडिया पर भड़के आम लोग और यूजर्स
राजनीतिक दलों द्वारा एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए इस स्तर के एआई मीम्स का प्रयोग किए जाने से आम लोग काफी नाराज नजर आए। इंटरनेट पर सक्रिय नागरिकों ने दोनों तरफ के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए अपनी कड़ी प्रतिक्रियाएं दीं। अलताफ हुसैन ने सवाल उठाया कि इस तरह की सामग्रियां बेहद महिला विरोधी और आपत्तिजनक हैं तथा दलों को इससे ऊपर उठना चाहिए। बोर्ड सोल नामक यूजर ने तंज कसते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन होने का दावा करने वालों को इस तरह की ओछी हरकतों से बचना चाहिए। इसके अलावा शुभ्रांशु मुखर्जी और हरी बोगरापु जैसे अन्य यूजर्स ने भी यही राय रखी कि यदि सभी दल एक ही स्तर पर उतर आएंगे तो दोनों में कोई अंतर नहीं रह जाएगा और जनता इससे काफी निराश है।





















