मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर उठे सवालों और मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच आखिरकार निर्वाचन आयोग ने अपना आधिकारिक पक्ष सामने रख दिया है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव आयुक्तों के बीच किसी भी तरह के मतभेद या असहमति के दाواें पर बिंदुवार स्पष्टीकरण जारी करते हुए यह बता दिया है कि आयोग के भीतर पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। आयोग की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि एसआईआर से जुड़े जितने भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, वे सभी मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से तथा पूरी तरह से स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ही तय किए गए हैं।
विवादों के बीच हुई अहम बैठक और पत्र पर स्थिति स्पष्ट
इन तमाम विवादों और चर्चाओं के बीच दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में निर्वाचन आयोग की एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस अहम बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी एक ही मेज पर बैठे नजर आए। बैठक के बाद जारी की गई आधिकारिक विज्ञप्ति में एसआईआर और आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े कुछ खास फैसलों का ऐलान भी किया गया। इसके अलावा, कैबिनेट सचिव को लिखे गए एक पत्र को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी आयोग ने अपनी स्थिति पूरी तरह से साफ कर दी। आयोग ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया वह पत्र किसी नीतिगत मामले से जुड़ा हुआ नहीं था, बल्कि वह डेपुटेशन पर आए एक अधिकारी के कामकाज और सेवा से संबंधित था।
विपक्षी दलों का कड़ा रुख और विरोध प्रदर्शन
एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किए जाने के बाद कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई मौकों पर एसआईआर से जुड़े फैसलों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है। इस पूरी स्थिति के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल पूरी तरह से एकजुट होते नजर आ रहे हैं। देश के सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस ने पहले ही पूरे देश में जोरदार प्रदर्शन किया है, और अब आगामी 30 सितंबर को इंडिया अलायंस की एक बहुत बड़ी बैठक भी बुलाई गई है। इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद विपक्षी नेताओं की तरफ से तीखे बयान सामने आ रहे हैं, जहां एक तरफ कांग्रेस पार्टी यह कह रही है कि ज्ञानेश कुमार को सच सामने लाना चाहिए, वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी तक की मांग कर डाली है।


















