नई दिल्ली। तकनीक की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का दायरा अब केवल चैट या जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह इंसानी जीवन के व्यावहारिक और रोजमर्रा के कार्यों को भी अपने हाथ में ले रहा है। हाल ही में सामने आए उदाहरणों से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में तकनीक सिर्फ एक निर्देश पर सारे जरूरी काम खुद-ब-खुद पूरे कर देगी। इसी कड़ी में चर्चा में आए एआई मॉडल अस्त्र ने उपयोगिता के क्षेत्र में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। कुछ समय पहले इस एजेंट ने सोशल मीडिया पर रेलवे टिकट बुक करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था और अब इसने एक ही कमांड पर बिजली का बिल जमा करके उसकी डिजिटल रसीद भी हासिल कर ली है। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह तकनीक किस तरह काम करती है और कौन-कौन से जटिल कार्य इसके जरिए संभव हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एआई का कारनामा
इंटरनेट पर तेजी से फैल रही एक पोस्ट के मुताबिक, जीपीटी सिक्स के एआई एजेंट अस्त्र ने केवल एक साधारण निर्देश यानी प्रॉम्प्ट के जरिए रेलवे का आरक्षित टिकट बुक करके सबको चौंका दिया था। बात यहीं तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस मॉडल ने आगे बढ़कर बिजली का बकाया बिल चुकाने और उसकी रसीद जेनरेट करने का कारनामा भी कर दिखाया। इस पूरी प्रक्रिया को साझा करने वाले यूजर ने बताया कि उसने केवल यह निर्देश दिया था कि उसे बिजली का बिल भरना है। इस मामूली सी कमांड को मिलते ही एआई एजेंट हरकत में आया और उसने बिना किसी देरी के बिजली के बिल का भुगतान कर दिया। भुगतान होने के तुरंत बाद उसने यूजर के सामने भुगतान की रसीद भी लाकर रख दी, जिससे लोगों में इस तकनीक की कार्यकुशलता को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है।
महिला के अनुभव ने खोली तकनीक की नई परतें
इस वायरल वीडियो में एक महिला अपने एक मित्र के अनुभव का जिक्र करते हुए यह बताती नजर आ रही है कि कैसे उसने बिना अपने स्मार्टफोन या डिवाइस को हाथ लगाए ही आईआरसीटीसी के जरिए ट्रेन का टिकट बुक कर लिया था। इस सफलता से प्रेरित होकर उस महिला ने भी सरकारी पोर्टल के माध्यम से अपने घर का बिजली का बिल भरने का मन बनाया और अपने एआई एजेंट को इससे जुड़ा निर्देश दे डाला। इसके बाद अस्त्र ने महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरण कंपनी के आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करते हुए न केवल निर्धारित बिल का भुगतान किया, बल्कि उसकी रसीद भी यूजर को सौंप दी। यह पूरा वाकया इस बात का प्रमाण है कि अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इंसानी दखल की जरूरत तेजी से कम हो रही है और एआई एजेंट व्यक्तिगत सहायक की भूमिका बहुत ही प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं।
किस तरह से दिया जाता है एआई को कमांड
सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, जब आप किसी एआई एजेंट से बिजली का बिल भरने या इस तरह का कोई दूसरा वित्तीय कार्य करवाना चाहते हैं, तो निर्देश देते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। आपको अपने आदेश में उपभोक्ता यानी कंज्यूमर नंबर, भुगतान करने की पूरी प्रक्रिया और वेबसाइट पर आगे बढ़ने के लिए जरूरी चरणों का स्पष्ट उल्लेख करना होता है। जैसे ही आपका यह प्रॉम्प्ट पूरा होता है, एआई सक्रिय होकर संबंधित आधिकारिक वेबसाइट को अपने ब्राउज़र में खोलता है। इसके बाद वह तय कॉलम में उपभोक्ता नंबर दर्ज करता है, स्क्रीन पर आने वाले कैप्चा को खुद भरता है और बिल की सही राशि सिस्टम में फीड कर देता है। इसके पश्चात वह नियम और शर्तों से जुड़े पेज पर जाकर जरूरी बॉक्स पर टिक करता है और सीधे पेमेंट गेटवे तक पहुंच जाता है। वहां से वह क्यूआर कोड को स्कैन करके आपके चुने हुए पेमेंट मोड से पैसे काट लेता है और भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के बाद रसीद को डाउनलोड करके यूजर के सामने पेश कर देता है।


















