बिहार में बढ़ते अपराध और सुरक्षा के मोर्चे पर अब सत्ताधारी दल के भीतर से ही आवाजें उठने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद शंभू शरण पटेल ने राज्य की पुलिसिंग और प्रशासनिक ढांचे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। उनका कहना है कि यही कारण है कि राज्य में इस तरह की गंभीर घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने साफ शब्दों में मांग की है कि बिहार को एक मजबूत और कुशल डीजीपी के साथ-साथ एक अच्छे मुख्य सचिव की सख्त जरूरत है ताकि व्यवस्था को वापस पटरी पर लाया जा सके। उनके बयानों में प्रशासनिक सुस्ती को लेकर गहरा आक्रोश और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता साफ तौर पर झलक रही है।
अपराधियों में कानून का भय हुआ समाप्त
भाजपा सांसद ने खुलकर कहा कि आज के समय में बदमाशों और अपराधियों के दिलों में खाकी और कानून का डर बिल्कुल नहीं बचा है। यही मुख्य वजह है कि राज्य में लगातार अप्रिय घटनाएं घट रही हैं। जब भी किसी की बेटी के साथ कोई आपराधिक वारदात होती है, तो यह अत्यंत निंदनीय है और ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस व्यवस्था को सुधारना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है। बिहार के पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने एक हैरान करने वाला संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि सूबे के हालात ऐसे हो गए हैं कि जिले के एसपी तक जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाते हैं। उन्होंने अपने निजी अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि जब एक लड़की के साथ दुर्घटना हुई और उन्होंने सहायता के लिए संपर्क साधना चाहा, तो पटना के एसएसपी ने उनका फोन तक रिसीव नहीं किया। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उस विशेष मामले में अब तक प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की गई है, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
बिहार में पुलिसिंग पूरी तरह चरमरा गई है
राज्यसभा सांसद ने राज्य की पुलिस व्यवस्था के लिए बेहद कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि बिहार में पुलिसिंग का सिस्टम पूरी तरह चरमरा चुका है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी व्यवस्था के बारे में क्या कहा जाए जहां एक सांसद किसी पीड़ित लड़की से जुड़े मामले में पुलिस अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास करे और अधिकारी फोन उठाने की जहमत तक न उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि बिहार की महान जनता ने उन्हें और उनकी पार्टी को काम करने के लिए जनादेश दिया है। उनके अनुसार, यह अभूतपूर्व समर्थन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर मिला है और जनता ने उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए चुना है। शंभू शरण पटेल ने जोर देकर कहा कि यदि किसी भी बेटी के साथ कोई दुर्घटना या अपराध होता है, तो त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिसिंग को सुधारना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बिना किसी संकोच के दोहराया कि आज बिहार में पुलिस व्यवस्था पूरी तरह बिखर चुकी है और इस सच को स्वीकार करने में उन्हें कोई हिचकिचाहट नहीं है।


















