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गंगा कटाव पर TMC विधायक की अनोखी तारीफ, सुवेंदु अधिकारी को बताया श्रीकृष्ण का अवतारराजनीति
8 सित॰ 2026, 9:37 am (49 दिन पहले)· 4

गंगा कटाव पर TMC विधायक की अनोखी तारीफ, सुवेंदु अधिकारी को बताया श्रीकृष्ण का अवतार

मालदा के रतुआ में गंगा कटाव प्रभावितों से मिलने पहुंचे टीएमसी विधायक समर मुखर्जी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की तारीफ करते हुए उन्हें श्रीकृष्ण जैसा बताया और 3600 करोड़ रुपये की परियोजना का हवाला दिया।

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एक तृणमूल कांग्रेस विधायक के मुंह से विपक्षी दल के मुख्यमंत्री की तारीफ ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। रतुआ सीट से टीएमसी के वरिष्ठ विधायक समर मुखर्जी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की इतनी तारीफ की कि उन्हें सीधे भगवान श्रीकृष्ण से जोड़ दिया।

भूतनी में गंगा कटाव, विधायक पहुंचे मदद लेकर

मालदा के भूतनी इलाके में हर साल गंगा नदी का कटाव बड़ी आबादी को बेघर करने की नौबत ला देता है। इस बार भी यही हुआ और सोमवार को समर मुखर्जी खुद इलाके का दौरा करने पहुंचे। उन्होंने कटाव से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें राहत सामग्री सौंपी। यहीं मौजूद लोगों के बीच उन्होंने खुलकर सुवेंदु अधिकारी की तारीफ शुरू कर दी। उनका कहना था कि इससे पहले भी कई मुख्यमंत्री इस कुर्सी पर बैठे रहे, लेकिन किसी ने भी इस समस्या को जड़ से खत्म करने की ठोस कोशिश नहीं की। उन्होंने यह भी जोड़ा कि हर साल कटाव से लोग अपने घर, खेत और जमीन खो देते हैं, फिर भी सरकारें बदलती रहीं मगर हालात जस के तस बने रहे।

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छह पुराने मुख्यमंत्रियों के नाम गिनाए

अपनी बात को पुख्ता करने के लिए समर मुखर्जी ने एक-एक कर छह नाम गिनाए, सिद्धार्थ शंकर राय, ज्योति बसु, अजय मुखर्जी, प्रफुल्ल सेन, बुद्धदेव भट्टाचार्य और ममता बनर्जी। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने इन सभी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखा है, लेकिन किसी ने भी भूतनी जैसे इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की तकलीफ को गंभीरता से नहीं लिया। विधायक का आरोप था कि पूजा के मौसम में बोनस जुटाने की जल्दबाजी में सालों से अवैज्ञानिक तरीके से बांध खड़े कर दिए जाते रहे, और इसी लापरवाही ने कटाव की समस्या को और बढ़ा दिया। उनके मुताबिक इस पूरी फेहरिस्त में सुवेंदु अधिकारी अलग नजर आते हैं क्योंकि उन्होंने क्षेत्र के लिए एक मास्टर प्लान तैयार करने की बात कही है और पुराने ढर्रे से हटकर स्थायी हल की दिशा में कदम बढ़ाया है।

3600 करोड़ की योजना और श्रीकृष्ण से तुलना

समर मुखर्जी के मुताबिक, गंगा कटाव पर स्थायी लगाम कसने के लिए मौजूदा सरकार ने 3600 करोड़ रुपये की एक परियोजना के लिए फंड मंजूर किया है। विधायक को भरोसा है कि इस रकम से जमीन पर असली बदलाव दिखेगा और इलाके के लोगों को आखिरकार राहत मिलेगी। इसी उम्मीद में उन्होंने मुख्यमंत्री से एक कदम आगे बढ़कर गंगा की धारा का रुख मोड़ने की गुजारिश भी की, ताकि रतुआ के अलावा मानिकचक, कालियाचक, मुर्शिदाबाद और नदिया के बड़े हिस्से भी कटाव की मार से बच सकें। भावुक होकर उन्होंने कहा, "मैं आपको पूरे मन से आशीर्वाद देता हूं।" यहीं उन्होंने मुख्यमंत्री की तुलना भगवान श्रीकृष्ण से करते हुए कहा कि वह हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई, हर समुदाय के मुख्यमंत्री हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने सीपीएम, कांग्रेस, कालीघाट तृणमूल और नई तृणमूल का जिक्र भी छेड़ा, मानो यह बताना चाहते हों कि उनकी यह तारीफ किसी दलगत सोच से नहीं बल्कि जमीनी अनुभव से निकली है।

अधिकारी परिवार से पुराना है नाता

समर मुखर्जी की सियासत नई नहीं है। वह पहली बार 1982 में विधायक चुने गए थे, ठीक उसी दौर में मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी भी पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। यानी दोनों नेताओं का रिश्ता चार दशक से भी ज्यादा पुराना है। इसी पुरानी पहचान का हवाला देते हुए बताया गया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने भी विधानसभा के भीतर समर मुखर्जी की ईमानदारी की सार्वजनिक तौर पर तारीफ की थी। विपक्षी खेमे के एक वरिष्ठ विधायक की तरफ से सत्तापक्ष के मुखिया के लिए इस तरह की खुली और भावुक प्रशंसा ने बंगाल की सियासत में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।

सवाल-जवाब

समर मुखर्जी कौन हैं?
वह रतुआ सीट से टीएमसी के वरिष्ठ विधायक हैं जो पहली बार 1982 में विधायक चुने गए थे।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की तारीफ कहां और कब की?
सोमवार को मालदा के भूतनी इलाके में गंगा कटाव प्रभावित लोगों से मुलाकात के दौरान उन्होंने यह तारीफ की।
उन्होंने किन छह मुख्यमंत्रियों के नाम गिनाए?
उन्होंने सिद्धार्थ शंकर राय, ज्योति बसु, अजय मुखर्जी, प्रफुल्ल सेन, बुद्धदेव भट्टाचार्य और ममता बनर्जी का नाम लिया।
गंगा कटाव रोकने के लिए किस परियोजना का जिक्र हुआ?
3600 करोड़ रुपये की एक परियोजना का जिक्र किया गया, जिसका मकसद कटाव पर स्थायी लगाम कसना है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से क्या खास अपील की?
उन्होंने गंगा की धारा का रुख मोड़ने की अपील की, ताकि रतुआ के साथ मानिकचक, कालियाचक, मुर्शिदाबाद और नदिया के इलाके भी कटाव से बच सकें।
समर मुखर्जी और सुवेंदु अधिकारी के परिवार का पुराना नाता क्या है?
समर मुखर्जी जिस साल 1982 में पहली बार विधायक बने, उसी साल सुवेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी भी पहली बार विधायक बने थे।
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