गोवा की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछने लगी है। राज्य के चुनावी परिदृश्य को नया मोड़ देते हुए आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने एक साथ आकर नए राजनीतिक समीकरण के संकेत दिए हैं। दोनों दलों की ओर से जारी एक संयुक्त पोस्टर के बाद राज्य में तीसरे मोर्चे के गठन की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। इस पहल के जरिए दोनों पार्टियां तटीय राज्य में लंबे समय से चले आ रहे बीजेपी और कांग्रेस के पारंपरिक वर्चस्व को चुनौती देने का दावा कर रही हैं।
पोस्टर के जरिए 'तीसरे विकल्प' का स्पष्ट संदेश
जारी किए गए पोस्टर में दोनों राजनीतिक दलों ने सीधे तौर पर मतदाताओं से संवाद साधने की कोशिश की है। पोस्टर पर लिखा गया है कि कांग्रेस और बीजेपी ने जनता को दो बार ठगा है, इसलिए अब तीसरी बार उन्हें ऐसा करने का मौका न दिया जाए। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह केवल चुनावी प्रचार की एक साधारण गतिविधि नहीं है, बल्कि यह 2027 के चुनाव के लिए तय की जा रही नई सियासी दिशा है। पार्टी नेताओं ने सवाल उठाया कि गोवा के लोगों को हर बार केवल दो मुख्य दलों के बीच ही चुनाव करने के लिए क्यों बाध्य किया जाना चाहिए।
आप और गोवा फॉरवर्ड पार्टी का तर्क है कि गोवा के नागरिकों के पास एक मजबूत, स्थानीय और स्वतंत्र राजनीतिक विकल्प मौजूद होना चाहिए जो बीजेपी और कांग्रेस दोनों से अलग हो। दोनों दल इसी सवाल को अपनी मुख्य राजनीतिक ताकत में तब्दील करने में जुटे हैं। हालांकि गोवा में अब तक मुख्य मुकाबला दो प्रमुख दलों के बीच ही देखा जाता रहा है, लेकिन नए क्षेत्रीय और उभरते खिलाड़ियों की सक्रियता से यह पुराना समीकरण बदलता दिख रहा है।
2022 का चुनावी प्रदर्शन और दक्षिण गोवा में पकड़
अपने दावों के समर्थन में आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में किए गए अपने प्रदर्शन को रेखांकित किया है। उस चुनाव में आप ने राज्य की दो महत्वपूर्ण सीटों पर जीत हासिल की थी और लगभग 6.77 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया था। वर्तमान विधानसभा में आप के दो प्रतिनिधि मौजूद हैं। बेनाउलिम सीट से वेन्जी वीगास और वेलिम सीट से क्रूज सिल्वा आप के टिकट पर विधायक चुने गए थे।
दूसरी ओर, गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष विजय सरदेसाई फतोर्डा विधानसभा सीट से विधायक हैं। इस संभावित गठबंधन और नए समीकरण का सबसे मजबूत पहलू दक्षिण गोवा में इनकी पकड़ माना जा रहा है। आप के दोनों विधायक और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष, तीनों ही दक्षिण गोवा के निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। दक्षिण गोवा में मजबूत मौजूदगी के साथ-साथ आम आदमी पार्टी अब उत्तर गोवा में भी अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में लगी है, ताकि 2027 तक पूरे राज्य में एक समान जनाधार खड़ा किया जा सके।
स्थानीय मुद्दे, पर्यावरण और रोजगार पर केंद्रित रणनीति
आम आदमी पार्टी ने साफ किया है कि उसकी राजनीति बीजेपी और कांग्रेस दोनों से समान दूरी बनाए रखने की है। आप नेताओं के अनुसार, वे लगातार सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार की नीतियों का विरोध करते रहे हैं। युवाओं के रोजगार, गोवा के प्राकृतिक पर्यावरण की सुरक्षा, जमीन के अधिकार और स्थानीय संस्कृति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पार्टी अपनी आवाज उठाती रही है।
इसके साथ ही आप का मानना है कि कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में प्रभावी भूमिका निभाने के बजाय केवल अपनी बची-कुची राजनीतिक जमीन बचाने में व्यस्त है। ऐसी स्थिति में एक सक्रिय और एकजुट तीसरे विकल्प की मौजूदगी अनिवार्य हो जाती है। यह तीसरा मोर्चा विपक्षी वोटों के बिखराव को रोकने और चुनावी गणित को पूरी तरह से बदलने का काम कर सकता है। हालिया राजनीतिक गलियारों में 'गोवा फर्स्ट' जैसी व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर भी विचार-विमर्श चल रहा है।
द्विध्रुवीय राजनीति से बहुकोणीय मुकाबले की ओर
यदि चुनाव से पहले सीटों के तालमेल और एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमति बन जाती है, तो गोवा का राजनीतिक परिदृश्य काफी दिलचस्प हो जाएगा। दोनों दलों का मानना है कि एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार होने से चुनाव बीजेपी बनाम कांग्रेस के पारंपरिक द्विध्रुवीय मुकाबले से बाहर निकलकर एक वास्तविक बहुकोणीय संघर्ष बन जाएगा।
तीसरी बार न ठगे जाने का पोस्टर संदेश जनता के बीच एक स्पष्ट विमर्श स्थापित करने का प्रयास है। यद्यपि 2027 के विधानसभा चुनावों में अभी लंबा वक्त बाकी है, लेकिन आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने अपनी शुरुआती बिसात बिछाकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे आने वाले महीनों में इस संभावित गैर-बीजेपी, गैर-कांग्रेस मोर्चे को एक संगठित चुनावी ताकत में बदलने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।



















