टॉमी वू ने बढ़ाई ताइवान की आर्थिक वृद्धि दर, साल 2026 और 2027 के अनुमानों में शानदार इजाफामेघालय के तुरा में दूसरे जिला स्तरीय अंतर-स्कूल खेलों का भव्य आगाज, 900 छात्र ले रहे हैं हिस्सामैडॉक की 5 हॉरर-कॉमेडी फिल्में जो एक बार शुरू करने पर अंत तक बांधे रखेंगीयूरो में मामूली बढ़त, अमेरिकी डॉलर पर दबाव और महंगाई के आंकड़ों पर टिकी निवेशकों की निगाहेंडोनाल्ड ट्रंप की धमकियों को दरकिनार कर नरेंद्र मोदी ने थामा मसूद पेजेश्कियन का हाथ, बिश्केक मुलाकात के गहरे मायनेक्रिकेट छोड़ ट्रेविस बने आसमान के पायलट, कतर एयरवेज में संभाल रहे कॉकपिटगौतम अदानी ने बताया विकसित भारत का ब्लूप्रिंट, बोले - रेटिंग एजेंसियों को बदलना होगा नजरियासितंबर में घर की बालकनी और छत पर आसानी से उगाएं ये हरी सब्जियां, जानिए सही तरीकाअसम सरकार का बड़ा ऐलान, खेतरी सड़क हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को मिलेंगे पांच लाख रुपयेअमेरिकी डॉलर के मुकाबले उचित मूल्य के करीब सीमित दायरे में कारोबार कर रहा कनाडाई डॉलर
गोरखपुर को स्पेन बताए जाने पर गरमाई राजनीति, काजल निषाद ने रवि किशन पर कसा करारा तंजराजनीति
31 अग॰ 2026, 7:19 pm (1 घंटे पहले)· 2

गोरखपुर को स्पेन बताए जाने पर गरमाई राजनीति, काजल निषाद ने रवि किशन पर कसा करारा तंज

सांसद रवि किशन द्वारा गोरखपुर की तुलना स्पेन से किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी नेत्री काजल निषाद ने इस दावे पर पलटवार करते हुए स्थानीय समस्याओं और बदहाल व्यवस्था का मुद्दा उठाया है।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में विकास कार्यों के दावों को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। स्थानीय सांसद और सिने अभिनेता रवि किशन की एक टिप्पणी के बाद राज्य की राजनीति में बहस छिड़ गई है। उनके खिलाफ चुनावी मैदान में उतर चुकीं समाजवादी पार्टी की नेता काजल निषाद ने इस बयान को आड़े हाथों लेते हुए तीखा हमला बोला है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर स्थानीय विकास और जमीनी हकीकत को लेकर तीखी बयानबाजी को हवा दे दी है।

कल्याण मंडपम के उद्घाटन पर दिया गया था बयान

यह पूरा मामला गोरखपुर के बशारतपुर इलाके का है जहाँ दो दिन पहले कल्याण मंडपम का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मंच पर उपस्थित थे। जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद रवि किशन ने भोजपुरी भाषा में शहर की सूरत बदलने की बात कही थी और इसकी तुलना यूरोपीय देश स्पेन से कर दी थी। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए थे।

विपक्षी नेता का तीखा पलटवार

सांसद की इस टिप्पणी के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी की नेत्री काजल निषाद ने तीखा प्रतिवाद किया है। उन्होंने सीधे तौर पर शहर की जमीनी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने व्यवस्था की बदहाली पर बात करते हुए आरोप लगाया कि शहर की सड़कें गड्ढों से पटी पड़ी हैं और शिक्षा व चिकित्सा सेवाएं पटरी से उतर चुकी हैं। उन्होंने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के बयानों से जमीनी सच नहीं छिप सकता और जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हो रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस सियासी घमासान से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी साझा किए जा रहे हैं। इन क्लिप्स में मंच पर नेताओं की प्रतिक्रियाओं से लेकर विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं तक शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से चुनावी माहौल और स्थानीय मुद्दों पर बहस को एक नया मंच मिल जाता है, जिससे आम जनता के बीच चर्चा तेज हो जाती है।

दोनों नेताओं की राजनीतिक पृष्ठभूमि

काजल निषाद मनोरंजन जगत की एक जानी-पहचानी हस्ती रही हैं और उन्होंने कई लोकप्रिय धारावाहिकों और फिल्मों में काम किया है। अभिनय की दुनिया से निकलकर राजनीति में आईं काजल समाजवादी पार्टी के टिकट पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इससे पहले साल 2024 के लोकसभा चुनाव में वे गोरखपुर सीट से रवि किशन के खिलाफ चुनावी मुकाबले में उतरी थीं। इस क्षेत्र में निषाद समुदाय की अच्छी खासी आबादी है, और वे लगातार स्थानीय मुद्दों तथा जनहित से जुड़े विषयों को लेकर मुखर रहती हैं। चूँकि दोनों ही कलाकार राजनीति में अपनी पारी खेल रहे हैं, इसलिए उनके बीच का यह राजनीतिक द्वंद्व अक्सर सुर्खियों में बना रहता है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

रवि किशन ने गोरखपुर की तुलना किससे की थी?
रवि किशन ने गोरखपुर की तुलना यूरोपीय देश स्पेन से की थी।
यह बयान किस कार्यक्रम के दौरान दिया गया था?
यह बयान गोरखपुर के बशारतपुर में कल्याण मंडपम के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान दिया गया था।
काजल निषाद किस राजनीतिक दल से जुड़ी हैं?
काजल निषाद समाजवादी पार्टी की नेत्री हैं।
काजल निषाद ने रवि किशन के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
काजल निषाद ने शहर की बदहाल सड़कों और स्वास्थ्य सेवाओं का हवाला देते हुए तीखा तंज कसा।
दोनों नेता किस चुनाव में आमने-सामने आ चुके हैं?
दोनों नेता साल 2024 के लोकसभा चुनाव में गोरखपुर सीट पर आमने-सामने थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·51 मिनट पहले

रवि किशन के बयान और काजल निषाद के पलटवार से उपजा यह विवाद भले ही राजनीतिक बयानबाजी लगे, लेकिन इसका सीधा असर कानून-व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर पड़ता है। जब इस तरह के सियासी द्वंद्व सार्वजनिक मंचों पर तीखे होते हैं, तो ज़मीनी स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही और पुलिस-प्रशासन पर जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान का दबाव बढ़ जाता है। आने वाले दिनों में यह टकराव जनता के बीच और मुखर हो सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·50 मिनट पहले

रवि किशन और काजल निषाद के बीच इस बयानबाजी से गोरखपुर की स्थानीय राजनीति में निषाद बहुल क्षेत्रों में ध्रुवीकरण तेज़ होने के पूरे आसार हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुए इस वाकये को विपक्ष ने बुनियादी मुद्दों से जोड़ने की कोशिश की है, जिससे आगामी स्थानीय चुनावों में खराब सड़कें और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा सत्तारूढ़ दल के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR