असम सरकार ने कामरूप मेट्रो जिले के खेतरी इलाके में हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले सात लोगों के परिवारों के लिए पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। इसके साथ ही, इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के इलाज का सारा खर्च भी सरकार उठाएगी और उन्हें मुफ्त चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने किया घटनास्थल का दौरा
घटना के अगले दिन यानी सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ सीधे दुर्घटना स्थल पर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने हालात का जायजा लिया और मृतकों के शोकाकुल परिजनों के लिए मुआवजे का सार्वजनिक रूप से ऐलान किया। मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान उन्होंने इस हादसे को बेहद मार्मिक और दुखद बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा, यह बेहद दुखद सड़क दुर्घटना है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह हादसा सड़क पर मौजूद बड़े-बड़े गड्डों और राष्ट्रीय राजमार्ग की खराब हालत की वजह से हुआ है और पुलिस की शुरुआती जांच में भी यही बात सामने आई है।
जांच और एनएचएआई से बातचीत
प्रशासन ने इस बात की तह तक जाने के लिए असम पुलिस के जरिए एक मामला दर्ज कर लिया है ताकि हादसे की असली वजहों का पूरा खुलासा हो सके। जांच में जो भी लोग या एजेंसियां इसके लिए दोषी पाई जाएंगी, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, राज्य के मुख्य सचिव ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन से फोन पर बातचीत की है और उन्होंने इस खराब रास्ते की जल्द से जल्द मरम्मत कराने का भरोसा दिया है।
हादसे की पूरी पृष्ठभूमि और टायर फटना
यह भयानक हादसा रविवार शाम को एनएच-27 पर खेतरी के नलगेद्रा इलाके में उस वक्त पेश आया जब एक यात्री वाहन और एक ट्रक की आमने-सामने से जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण टक्कर की चपेट में आने से ड्राइवर समेत कमोबेश सात लोगों की मौके पर या अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई और कई अन्य लोग बुरी तरह जख्मी हो गए।
प्रारंभिक जानकारियों के अनुसार यह यात्री गाड़ी नागांव की तरफ से गुवाहाटी की ओर जा रही थी, तभी रास्ते में एक बड़े गड्ढे में जाने की वजह से उसका टायर फट गया। टायर फटने के बाद ड्राइवर गाड़ी पर से नियंत्रण खो बैठा, जिसके चलते वाहन डिवाइडर लांघकर सीधे सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराया। हादसे के तुरंत बाद बचावकर्मियों ने सभी घायलों को वहां से निकालकर इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
स्थानीय लोगों का गुस्सा और प्रदर्शन
इस भयानक दुर्घटना के बाद स्थानीय जनता का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रविवार की रात को ही राजमार्ग पर जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि सड़क के बदतर रखरखाव की वजह से यह पूरा इलाका हादसों का अड्डा बन चुका है और उन्होंने तुरंत प्रभाव से इस खंड की मरम्मत कराने की मांग की।





















