शिमला की राजनीति में कांग्रेस पार्टी के भीतर गुटबाजी का दौर एक बार फिर गरमा गया है। पार्टी के भीतर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई है, जब ठियोग विधानसभा सीट से विधायक और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर पर उन्हीं की पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने गंभीर जुबानी हमला बोला। वन निगम के अध्यक्ष केहर सिंह खाची ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक बयान के जरिए कुलदीप सिंह राठौर की राजनीतिक जमीन और पहचान पर सवाल खड़े कर दिए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह इस विवाद में कूद पड़े हैं, जिन्होंने बिना नाम लिए केहर सिंह खाची पर निशाना साधते हुए कुलदीप सिंह राठौर का खुलकर समर्थन किया है।
केहर सिंह खाची का बयान और जातिगत टिप्पणियां
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ठियोग क्षेत्र के ही रहने वाले और वन निगम के अध्यक्ष केहर सिंह खाची एक आभार समारोह में बोल रहे थे। केहर सिंह खाची ने मंच से बोलते हुए दावा किया कि कुलदीप सिंह राठौर को ठियोग में 11 लोग भी नहीं जानते थे। उन्होंने कहा कि पार्टी के लोगों ने ही उन्हें चुनाव जिताकर विधानसभा भेजा है, लेकिन आने वाले समय में यह कोई नहीं जानता कि टिकट किसे मिलेगा और किसके भाग्य में क्या लिखा है, शायद उन्हें भी विधायक का टिकट मिल जाए। अपने संबोधन के दौरान केहर सिंह खाची ने जातिगत समीकरणों का भी जिक्र किया और कहा कि हमेशा ब्राह्मणों ने ही हिंदुस्तान पर राज किया है, जबकि क्षत्रियों के हाथों में हमेशा तलवारें रही हैं। उन्होंने पिंकी ठाकुर के आभार समारोह में यह भी जोड़ा कि समाज में ब्राह्मणों का सम्मान करना बेहद जरूरी है। केहर सिंह खाची कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के काफी करीबी माने जाते हैं। शिमला के छराबड़ा में प्रियंका गांधी के घर की जमीन उन्हीं के नाम पर खरीदी गई थी और उन्हें ही पावर ऑफ अटार्नी दी गई थी। खाची खुद भी ठियोग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की प्रबल इच्छा रखते हैं और वर्तमान में सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार में उन्हें वन निगम का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
विक्रमादित्य सिंह का तीखा पलटवार और राठौर की तारीफ
केहर सिंह खाची के इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई और कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मोर्चा संभालते हुए सोशल मीडिया पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट लिखकर कुलदीप सिंह राठौर का पूरा समर्थन किया। विक्रमादित्य सिंह ने बिना किसी का नाम लिए इशारों ही इशारों में केहर सिंह खाची को करारा जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि कुछ जननेताओं को अपनी पहचान बताने के लिए किसी औपचारिक परिचय की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि उनके दशकों का कड़ा संघर्ष, अटूट निष्ठा और पार्टी संगठन के प्रति समर्पण ही उनकी असली पहचान बन जाता है। हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक पटल पर कुलदीप सिंह राठौर एक ऐसा ही सशक्त और बेहद प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया यानी NSUI के प्रांतीय धरातल से की थी और संघर्ष करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से लेकर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद तक का सफर तय किया, जो उनकी अद्वितीय सांगठनिक क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
विक्रमादित्य सिंह ने आगे लिखा कि कुलदीप सिंह राठौर की सबसे बड़ी पूंजी हमेशा से संगठन को सर्वोपरि रखना रहा है। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने तक के सफर में उन्होंने पूरे हिमाचल प्रदेश में पार्टी की मजबूत जड़ों को सींचा और अनगिनत युवाओं तथा नेताओं को तराश कर आगे बढ़ाया, जो आज प्रदेश के सियासी मैदान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कठिन दौर और विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं के भीतर एक नया जोश और अभूतपूर्व ऊर्जा भरने का ऐतिहासिक कार्य किया है।
विक्रमादित्य सिंह ने केहर सिंह खाची पर तंज कसते हुए लिखा कि वर्तमान समय में ठियोग-कुमारसैन विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में कुलदीप सिंह राठौर जिस कर्मठता, जनसंवेदनशीलता और पूरी निष्ठा के साथ क्षेत्र की आम जनता की सेवा में जुटे हैं, वह हर किसी के लिए अनुकरणीय है। स्वास्थ्य, शिक्षा, बागवानी और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर उनकी प्रतिबद्धता ने ठियोग के घर-घर और जन-जन का दिल जीत लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चे नेतृत्व की पहचान कभी भी किसी पद से नहीं होती, बल्कि संगठन के प्रति समर्पण और जनता के प्रति जवाबदेही से तय होती है। उनकी दूरदर्शी सोच, सुदृढ़ संगठन क्षमता और जनसेवा की यह भावना हिमाचल प्रदेश की राजनीति और कांग्रेस पार्टी के लिए एक अनमोल संपत्ति के समान है। हालांकि, इस पूरे विवाद पर अभी तक कुलदीप सिंह राठौर की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौर करने वाली बात यह है कि कुलदीप सिंह राठौर साल 2022 के विधानसभा चुनाव में ठियोग सीट से विजयी होकर विधानसभा पहुंचे थे।



















