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जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर अखिलेश यादव का तीखा हमला, पूछा किस भारी दबाव में दागी मंत्री को बचा रही है सरकारराजनीति
22 जुल॰ 2026, 12:12 pm (28 दिन पहले)· 0

जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर अखिलेश यादव का तीखा हमला, पूछा किस भारी दबाव में दागी मंत्री को बचा रही है सरकार

जंतर-मंतर पर सीजेपी समर्थकों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि आखिर किस मजबूरी में एक दागी मंत्री को पद से नहीं हटाया जा रहा है।

मानसून सत्र के आगाज के साथ ही देश की राजधानी में सियासी पारा चढ़ गया है। जंतर-मंतर से संसद की ओर कूच कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है। संसद भवन परिसर के बाहर पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा की और सरकार की नीयत पर गहरे सवाल खड़े किए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि छात्रों और युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को कुचलने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल करना एक लोकतांत्रिक देश के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप

समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज को सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया है। अखिलेश यादव का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे छात्रों और युवाओं के साथ जिस तरह की बर्बरता की गई है, वह पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करना इस बात का सबूत है कि सत्ताधारी दल आम जनता की आवाज से खौफजदा है। उनके मुताबिक, सरकार विरोध के हर उस स्वर को कुचल देना चाहती है जो उसकी नीतियों के खिलाफ उठता है। यादव ने टिप्पणी करते हुए कहा कि युवाओं के साथ जो सुलूक किया गया है, उससे साफ जाहिर होता है कि सरकार डरी हुई है और इसी घबराहट में दमनात्मक कदम उठा रही है।

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विवादित मंत्री को बचाने पर खड़े किए सवाल

पुलिसिया कार्रवाई की निंदा करने के साथ-साथ अखिलेश यादव ने एक ऐसे मंत्री का मुद्दा भी उठाया जिसके खिलाफ पूरे देश में भारी रोष है। उन्होंने केंद्र सरकार से सीधा सवाल किया कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी या दबाव है जिसके चलते उस मंत्री को अब तक बर्खास्त नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश, नौजवान और उनके माता-पिता सरकार के खिलाफ खड़े हैं और उस मंत्री को हटाने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उसे पद पर बनाए हुए है। सपा नेता ने कहा कि हम सबको यह सोचना चाहिए कि आखिर सरकार के ऊपर ऐसा कौन सा भारी दबाव है जो उसे कार्रवाई करने से रोक रहा है और वह मंत्रियों को नहीं हटा पा रही है।

जंतर-मंतर पर क्या हुआ था?

यह पूरा विवाद संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर हुए एक बड़े प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ। कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर भारी संख्या में समर्थक, जिनमें ज्यादातर छात्र और युवा शामिल थे, संसद भवन की ओर मार्च करने के लिए इकट्ठा हुए थे। जैसे ही भीड़ ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कदम उठाए। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसने जल्द ही एक हिंसक झड़प का रूप ले लिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना में कई युवा प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें आई हैं। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दल लामबंद हो गए हैं और सरकार पर छात्रों की आवाज को लाठियों के जोर पर दबाने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

जंतर-मंतर पर पुलिस ने लाठीचार्ज क्यों किया?
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों ने संसद की ओर कूच करने की कोशिश की थी, जिसके बाद पुलिस और उनके बीच हुई हिंसक झड़प के कारण भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया गया।
इस हिंसक झड़प में कौन घायल हुआ?
लाठीचार्ज और झड़प के दौरान कई युवा प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें आई हैं।
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि सरकार डरी हुई है और वह लाठीचार्ज के जरिए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश यादव ने किस मंत्री को लेकर सवाल पूछा?
उन्होंने एक ऐसे मंत्री का जिक्र किया जिसका पूरे देश के नौजवान और उनके परिवार विरोध कर रहे हैं, और पूछा कि सरकार किस दबाव के कारण उसे पद से नहीं हटा पा रही है।
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