प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से दिए गए हालिया बयान पर पश्चिम बंगाल में मंत्री दिलीप घोष ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिलीप घोष ने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि पार्टी को लगातार एक के बाद एक चुनावी हार का सामना करना पड़ रहा है, और इसी गहरी हताशा के कारण उसके शीर्ष नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारतीय जनता पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं पर व्यक्तिगत स्तर पर हमले करने लगे हैं।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व की वैश्विक सराहना
पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिलीप घोष ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की स्वीकार्यता और सम्मान केवल देश के भीतर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार चुनावों में शानदार जीत दर्ज कर रही है और केंद्र सरकार की विभिन्न जनहितैषी विकास योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ देश की आम जनता तक पहुंच रहा है। उनके अनुसार, कांग्रेस राजनीतिक मोर्चे पर अपनी यह लड़ाई पूरी तरह हार चुकी है, जिसके चलते उसके नेता अब नीतिगत मुद्दों को छोड़कर ओछी और व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा लेने के लिए मजबूर हो गए हैं।
मल्लिकार्जुन खरगे के राजनीतिक भविष्य पर सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की इस टिप्पणी पर अपनी बात आगे बढ़ाते हुए घोष ने कहा कि खरगे पहले भी इस तरह के बयान सार्वजनिक रूप से दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे अब ऐसी उम्र में पहुंच चुके हैं जहां उन्हें सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए। बढ़ती उम्र और लगातार प्रतिकूल होती राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उपजी हताशा के चलते ही खरगे इस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने देश में कांग्रेस के राजनीतिक भविष्य पर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि पार्टी की आंतरिक और बाहरी स्थिति दिन-प्रतिदिन लगातार कमजोर होती जा रही है।
जनता चुनावों के जरिए देती है करारा जवाब
घोष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की आम जनता सब कुछ बहुत करीब से देख रही है और वह चुनावों के दौरान अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल करके ऐसे नेताओं को कड़ा जवाब देती है। चूंकि कांग्रेस बार-बार हर चुनाव हार रही है, इसलिए उसके हताश नेता बिना सोचे-समझे कुछ भी बयान देने लगते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि देश के प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणी करना पूरी तरह अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना है।
सोनिया गांधी के बयानों और गुजरात का हवाला
अपनी बात को पुख्ता करते हुए दिलीप घोष ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के पुराने बयानों का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि कांग्रेस नेताओं की ऐसी अनर्गल बयानबाजी का भारी राजनीतिक नुकसान अंततः पार्टी को ही भुगतना पड़ता है। उन्होंने पश्चिम भारत के गुजरात राज्य का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी लंबे समय से वहां अपनी सरकार बनाने में पूरी तरह असफल साबित होती रही है। नेताओं द्वारा की जाने वाली इस तरह की टिप्पणियों का करारा जवाब गुजरात की जनता ने चुनावों के माध्यम से समय-समय पर दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जितनी अधिक अपमानजनक बयानबाजी करेंगे, उससे प्रधानमंत्री को कोई राजनीतिक नुकसान नहीं पहुंचेगा, बल्कि इसका पूरा खामियाजा कांग्रेस पार्टी को ही भुगतना पड़ेगा।
ममता बनर्जी और भ्रष्टाचार के मामलों पर निशाना
मल्लिकार्जुन खरगे के प्रकरण से आगे निकलते हुए दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला और उनके शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकारी और गैर-सरकारी धन की कथित रूप से भारी लूट हुई है, तो आखिर वह सारा पैसा कहां गायब हो गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव केवल और केवल धनबल के दम पर नहीं जीते जा सकते। यदि ऐसा होता, तो भारतीय जनता पार्टी काफी पहले ही सभी चुनाव जीत चुकी होती। उन्होंने अंत में कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में हमेशा जनता के अंतिम जनादेश का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए और चुनाव के परिणामों को खुले दिल से स्वीकार करना चाहिए।



















