नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में दिए गए एक विवादास्पद बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में भारी घमासान मच गया है। इस तीखी टिप्पणी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने आज पूरे देश में आक्रामक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं। पूरा विवाद पटना शहर में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह से शुरू हुआ, जहाँ देश के प्रधानमंत्री को लेकर एक तीखी बहस के बीच यह बयान सामने आया।
विवाद की शुरुआत और पटना का कार्यक्रम
यह पूरा घटनाक्रम पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान सामने आया। इस समारोह को संबोधित करते समय जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अपनी बात रख रहे थे, तब दर्शक दीर्घा से एक व्यक्ति ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने गुस्से में आकर मंच से कहा कि मोदी का बाप भी जाएगा, बाप भी जाएगा। अब इस अमर्यादित भाषा को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया है और हर तरफ इसकी तीखी आलोचना हो रही है।
बीजेपी का देशव्यापी विरोध और पुतला दहन
इस बयान के सामने आते ही सत्ताधारी पार्टी आक्रामक हो गई है और उसने देश के हर जिले में जोरदार प्रदर्शन करने का फैसला किया है। बीजेपी के कार्यकर्ता आज सड़कों पर उतर आए हैं और कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। पटना में पार्टी के प्रदेश कार्यालय से लेकर आयकर गोलंबर तक एक बड़ा विरोध मार्च निकाला जा रहा है, जिसके बाद पुतला दहन का कार्यक्रम भी तय किया गया है। सत्तारूढ़ दल के नेताओं का स्पष्ट कहना है कि राजनीतिक असहमति और वैचारिक मतभेदों को कभी भी व्यक्तिगत अपमान के स्तर तक नहीं गिराया जाना चाहिए।
वैचारिक दिवालियापन और माफिया गैंग वाले आरोप
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस भाषा को लेकर कांग्रेस पार्टी पर कड़े प्रहार किए हैं। पार्टी का कहना है कि मल्लिकार्जुन खरगे जिस तरह की शब्दावली का उपयोग कर रहे हैं, वह पहले केवल गुंडों और बदमाशों की भाषा मानी जाती थी। इस तरह के बयानों को कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन का स्पष्ट प्रमाण बताते हुए पार्टी ने यहाँ तक कह दिया है कि अब यह राजनीतिक दल कम और एक माफिया गैंग की तरह अधिक नजर आने लगा है। बीजेपी नेताओं ने साफ शब्दों में मांग की है कि कांग्रेस अध्यक्ष को इस अशोभनीय आचरण के लिए देश की जनता से बिना किसी शर्त के माफी मांगनी चाहिए।
शीर्ष नेताओं की प्रतिक्रियाएँ और कानूनी शिकंजा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस मामले पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और मल्लिकार्जुन खरगे के बयान की पुरजोर निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियों के जरिए शालीनता की हर मर्यादा को तार-तार कर दिया गया है। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री या उनके परिजनों के खिलाफ इस प्रकार की अभद्र भाषा का इस्तेमाल पहली बार नहीं किया गया है। अतीत में भी प्रधानमंत्री की दिवंगत माताजी का अपमान किया गया, उन्हें मौत का सौदागर कहा गया और उनकी गरीबी का मजाक उड़ाते हुए चायवाला कहकर संबोधित किया गया। इसके अलावा, बिहार के पटना शहर के एक स्थानीय थाने में भी खरगे के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है, जिससे उनकी मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।
नितिन नवीन का तीखा हमला
बिहार में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी इस पूरे प्रकरण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़े शब्दों में लिखा कि पटना के इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष ने देश के प्रधानमंत्री के प्रति जिस प्रकार की असंसदीय और बेहद अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया है, वह उस पार्टी के भीतर चल रहे वैचारिक पतन को बेनकाब करता है। उन्होंने आगे कहा कि देश की आम जनता इस स्तर की ओछी राजनीति को बहुत करीब से देख रही है और लोकतांत्रिक तरीके से उचित समय आने पर इसका करारा जवाब दिया जाएगा।



















