मौत के बाद अब खाद बनेगा इंसानी शरीर, ऑस्ट्रेलिया के इस राज्य ने दी अनोखी कानूनी मंजूरीसोने की चाल 4,000 डॉलर के पास अटकी, सिस्टमैटिक बिकवाली के बीच केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने संभाला मोर्चाईसीबी की नीतिगत बैठक और फ्रांस के बॉन्ड संकट के बीच वैश्विक मुद्रा बाजारों में हलचलयूरोपीय अर्थव्यवस्था में सुस्त विकास और असमान महंगाई के बीच वैश्विक बाजारों में सतर्कताअरुणाचल सीमा विवाद पर बीजिंग की प्रतिक्रिया, भारत से सहयोग की अपीलदमदार निखार के लिए क्या खाएं, डॉक्टर जश्या सरीन ने बताए स्किन फ्रेंडली फूड्सआरबीएनजेड की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के बीच फिसला न्यूजीलैंड डॉलर27 अक्टूबर को आ रहा है Redmi K100 स्मार्टफोन, बोस साउंड और 165Hz स्क्रीन से लैस होने की चर्चागुजरात में शुरू हुई निम्रत कौर आहूवालिया की नई शूटिंग, शेयर की खास तस्वीरकुंभ राशिफल नवंबर 2026: शनि की चाल से क्या होगा असर और उतरती साढ़ेसाती का हाल
लोकतंत्र अराजकता का लाइसेंस नहीं: राहुल गांधी पर राजनाथ सिंह और बीजेपी का तीखा हमलाराजनीति
16 अक्तू॰ 2026, 10:48 am (11 दिन पहले)· 2

लोकतंत्र अराजकता का लाइसेंस नहीं: राहुल गांधी पर राजनाथ सिंह और बीजेपी का तीखा हमला

सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य भाजपा नेताओं ने तीखा हमला बोला है। नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन अराजकता फैलाने की छूट नहीं है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को यह समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र का अर्थ देश में अराजकता फैलाना या भारत के विकास के मार्ग में रुकावटें पैदा करना बिल्कुल नहीं है।

राजनाथ सिंह और अनुराग ठाकुर के तीखे तेवर

इस विरोध प्रदर्शन और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं ने आक्रामक तेवर अपनाए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। नेताओं का कहना है कि भारतीय लोकतंत्र में सरकार या नीतियों के विरोध का अधिकार हर नागरिक को मिला हुआ है, लेकिन इस अधिकार की आड़ में जनादेश को बदनाम करने या व्यवस्था को चुनौती देने का लाइसेंस किसी के पास नहीं है। भाजपा ने इसे भीड़तंत्र की हार और राजनीतिक हताशा करार दिया है।

ये भी पढ़ें

वोट चोरी के आरोपों और विरोध प्रदर्शनों पर सियासत

हाल के दिनों में चुनावी प्रणाली और संस्थाओं को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों पर भी सत्ता पक्ष ने पलटवार किया है। नेताओं ने सवाल उठाया है कि चुनावों में हार के बाद इस तरह के प्रदर्शन और निराधार आरोप लगाना केवल जनता के जनादेश का अनादर करना है। भाजपा नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि जब चुनाव परिणाम मनमुताबिक नहीं आते हैं, तब संस्थाओं पर सवाल उठाए जाते हैं और अराजक माहौल तैयार करने की कोशिश की जाती है, जिसे देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और राजनीतिक सरगर्मी

इस पूरे विवाद के बीच अदालत में भी कई मामलों पर सुनवाई जारी है, जिसके चलते सियासी दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक और अधिक तूल पकड़ सकता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संस्थाओं की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को लेकर छिड़ी यह बहस फिलहाल थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

सवाल-जवाब

राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के प्रदर्शन पर क्या बयान दिया?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र अराजकता फैलाने या भारत के विकास में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है।
यह विरोध प्रदर्शन किसके खिलाफ किया गया था?
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया था।
बीजेपी ने राहुल गांधी के बयानों और प्रदर्शनों पर क्या आरोप लगाया?
बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि विरोध के नाम पर जनादेश को बदनाम करने और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है।
इस विवाद में अनुराग ठाकुर ने क्या प्रतिक्रिया दी?
अनुराग ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार तो है, लेकिन जनादेश को बदनाम करने का कोई लाइसेंस नहीं है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Riya Menon@riya-menon·9 दिन पहले

राजनीति में अब तो बस हर बात पर तमाशा होता है। खाने की मेज पर भी आजकल लोग इस पर ही बहस करने लगे हैं, शांति से एक कप चाय पीना भी मुश्किल हो गया है।

Ravikash Gupta@ravikash·10 दिन पहले

विरोध करना सबका अधिकार है, पर ऐसा करने से क्या चुनाव आयोग और अदालत पर से लोगों का भरोसा कम नहीं हो रहा?

Aisha Khan@aisha-khan·10 दिन पहले

रविकेश जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। कल ही मेरे एक दोस्त से बात हो रही थी, वो भी यही कह रहा था कि इन हंगामों की वजह से अब सिस्टम पर से भरोसा सा उठने लगा है।

Rohan Verma@rohan-verma·10 दिन पहले

विरोध करना हर किसी का हक़ है, पर इसे सीधे अराजकता कह देना थोड़ा सही नहीं लगता। चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को गलत मान लिया जाता है, पर कई बार जनता की आवाज़ को भी सुनना चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·10 दिन पहले

रोहन, जनता की आवाज़ उठाने और चुनाव आयोग के दफ़्तर के बाहर हंगामा करने में फ़र्क होता है ना? क्या ऐसे प्रदर्शनों से वाकई जनता की आवाज़ सुनी जाती है या सिर्फ़ राजनीति होती है?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp