भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए उसके शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर जुबानी हमला बोला है। निशिकांत दुबे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए कांग्रेस पार्टी को पागलों की जमात करार दिया है।
निशिकांत दुबे ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए कहा कि पागलों के बारे में कोई चर्चा नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने आगे लिखा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे दोनों ही मानसिक रूप से विक्षिप्त या पागल की श्रेणी में आते हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय भाषा का जिक्र करते हुए लिखा कि बिहारी भाषा में एक शब्द फर्स्टियाना होता है और कांग्रेस का पूरा नेतृत्व इसी स्थिति में पहुंच चुका है। आप एएनआई के एक्स पोस्ट पर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देख सकते हैं।
विवादित बयानों और सियासी संग्राम की पृष्ठभूमि
निशिकांत दुबे का यह तीखा बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार की राजधानी पटना में एक जनसभा को संबोधित किया था। पटना के उस कार्यक्रम के दौरान खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद से देश भर की राजनीति में उबाल आ गया है और भाजपा नेताओं की ओर से लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
घटना की शुरुआत तब हुई जब पटना के एक कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे अपना भाषण दे रहे थे। भाषण के दौरान भीड़ में से एक व्यक्ति ने चिल्लाकर कहा कि मोदी नहीं जाएगा। इस बात पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगे गुस्से में आ गए और मंच से कहा कि मोदी का बाप भी जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी को झूठ बोलने की पुरानी आदत है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और पुलिस में शिकायत
मल्लिकार्जुन खरगे के इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई। भारतीय जनता पार्टी तुरंत आक्रामक रुख अपनाते हुए मैदान में उतर आई। भाजपा नेताओं ने खरगे की भाषा को गुंडों की भाषा बताया। इसके बाद केंद्र सरकार के कई मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मल्लिकार्जुन खरगे को आड़े हाथों लेते हुए उनकी टिप्पणी की कड़ी निंदा की।
बढ़ते विवाद के बीच पटना में मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत भी दर्ज करा दी गई है। चूंकि यह मामला राजनीतिक रूप से लगातार तूल पकड़ रहा है, इसलिए भाजपा का शीर्ष नेतृत्व और तमाम केंद्रीय मंत्री अब खरगे से सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का कड़ा रुख है कि इस तरह के बयानों ने राजनीतिक मर्यादाओं को पूरी तरह तार-तार कर दिया है, जिसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।



















